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भारत और यूक्रेन के बीच महत्वपूर्ण वार्ता: ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीति पर जोर

हाल ही में कीव में विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीति पर चर्चा की गई। जयशंकर ने भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। जेलेंस्की ने भारत के समर्थन की सराहना की और शांति की आवश्यकता पर बल दिया। जानें इस वार्ता के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
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भारत-यूक्रेन वार्ता का मुख्य विषय


कीव में विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस बातचीत में रूसी तेल की खरीद का मुद्दा भी उठाया गया। जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकता, लेकिन युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता है।


भारत का रूसी तेल खरीदने का दृष्टिकोण

जयशंकर ने यूक्रेन की चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा कि भारत की स्थिति को भी समझना आवश्यक है। 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना आसान नहीं है, विशेषकर जब वैश्विक ऊर्जा बाजार दबाव में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेल, खनिज, धातु या उर्वरक की खरीद से रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान नहीं होगा। भारत के लिए सस्ती और विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।


संघर्ष का समाधान बातचीत से संभव

विदेश मंत्री ने कहा कि यह संघर्ष अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इसका समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के माध्यम से खोजा जाना चाहिए। भारत ने हमेशा कहा है कि वर्तमान समय युद्ध का नहीं है। जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया रूस यात्रा के दौरान दिए गए संदेश का भी उल्लेख किया, जिसमें लंबे समय से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था।


जेलेंस्की से महत्वपूर्ण मुलाकात

कीव यात्रा के दौरान, जयशंकर ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने युद्ध समाप्त करने के संभावित तरीकों और भारत-यूक्रेन संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। जयशंकर ने जेलेंस्की को बातचीत के परिणामों और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं की जानकारी दी। भारत ने इस दौरान अपनी स्वतंत्र कूटनीतिक स्थिति बनाए रखी।


जेलेंस्की ने भारत के समर्थन की सराहना की

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की सराहना करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समय युद्ध का नहीं, बल्कि शांति का होना चाहिए। जेलेंस्की ने यह दावा किया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल की कीव यात्रा के दौरान रूस द्वारा जेट संचालित शहीद ड्रोन का उपयोग किया गया, जिसे यूक्रेनी लड़ाकू विमानों ने रोक लिया। भारत ने रूस और यूक्रेन दोनों के साथ संबंध बनाए रखते हुए बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष समाप्त करने की वकालत की है।