भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता
भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों पर प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन, संवाद और कूटनीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देश वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए सहयोग जारी रखेंगे। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन के साथ बातचीत के बाद आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, मोदी ने कहा कि दोनों देशों को बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना करने के लिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "भारत और स्विट्जरलैंड दोनों ही लोकतांत्रिक मूल्यों और कूटनीति में विश्वास करते हैं। हम वैश्विक शांति के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।" चाहे वह यूक्रेन का मामला हो या पश्चिम एशिया, भारत ने शांति के लिए हर संभव प्रयास का समर्थन किया है।
स्विस राष्ट्रपति का स्वागत और व्यापारिक समझौते
स्विस राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। उन्होंने पिछले साल अक्टूबर में EFTA देशों के साथ ऐतिहासिक व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए राष्ट्रपति के व्यक्तिगत सहयोग की सराहना की। यह भारत का किसी यूरोपीय आर्थिक समूह के साथ पहला FTA है, जो निवेश, नवाचार, रोजगार और आपसी समृद्धि का एक महत्वाकांक्षी खाका प्रस्तुत करता है। इसके माध्यम से, भारत में अगले 15 वर्षों में 100 बिलियन डॉलर का निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है।
नवाचार और तकनीक में सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों के ऐतिहासिक पहलुओं पर भी प्रकाश डाला, जिसमें स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज नवाचार, बुनियादी ढांचा और उन्नत तकनीक हमारी दोस्ती के मजबूत स्तंभ बन गए हैं। मोदी ने बताया कि उन्होंने और राष्ट्रपति पार्मेलिन ने सैन्य आदान-प्रदान, रक्षा विनिर्माण और सहयोग के नए रास्तों की खोज की है, साथ ही परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में संयुक्त प्रयासों को बढ़ाने पर सहमति जताई है।
निवेश और अवसरों का विस्तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने स्विट्जरलैंड में भारत के निर्यात के लिए बाजार तक पहुंच बढ़ाने और दोनों देशों के बीच निवेश को सरल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इससे स्विट्जरलैंड को भारत के कृषि, फार्मा, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, हम भारत के बायोटेक, लाइफ साइंसेज, बैंकिंग, इंश्योरेंस, फूड प्रोसेसिंग और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में नए स्विस निवेश को आकर्षित करेंगे। मोदी ने कहा कि आज साइन किए गए माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट और यंग प्रोफेशनल्स एग्रीमेंट से स्विट्जरलैंड में भारतीय छात्रों, शोधकर्ताओं, पेशेवरों और युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।
