भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस: नए प्रोटोकॉल और युवा शक्ति का उत्सव
भारत की स्वतंत्रता का 80वां जश्न
नई दिल्ली: इस वर्ष, भारत अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा है। 15 अगस्त को लाल किले पर होने वाले मुख्य समारोह में कुछ नए प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्राचीर पर पहुंचने के बाद पहली बार राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का गायन किया जाएगा। इसके बाद, प्रधानमंत्री तिरंगा फहराएंगे और राष्ट्रगान प्रस्तुत किया जाएगा।
रक्षा सचिव का कार्यक्रम का विवरण
रक्षा सचिव आरके सिंह ने समारोह के नए क्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार कार्यक्रम के प्रोटोकॉल का पालन एक अलग तरीके से किया जाएगा। जब प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर पर पहुंचेंगे, तो वहां उपस्थित सभी लोग राष्ट्रगीत के दौरान खड़े रहेंगे। इसके बाद ध्वजारोहण होगा और राष्ट्रगान गाया जाएगा।
युवाओं पर विशेष ध्यान
इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में 'युवा शक्ति' को विशेष महत्व दिया जा रहा है। समारोह के दौरान देश के छात्रों और युवा नागरिकों की उपलब्धियों और योगदान को उजागर करने की योजना है। सरकार का ध्यान युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और देश के विकास में उनकी भूमिका पर है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में युवा तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नए प्रयोग कर रहे हैं। स्टार्टअप से लेकर स्पेस टेक्नोलॉजी तक, युवा इंजीनियर और उद्यमी नई संभावनाओं की खोज कर रहे हैं।
हैदराबाद स्थित T-Works जैसे नवाचार और प्रोटोटाइपिंग केंद्रों की सहायता से कई युवा स्टार्टअप अपने विचारों को वास्तविक उत्पादों में बदलने में सफल हो रहे हैं। इसके अलावा, कुछ युवा इंजीनियर कम लागत वाली अंतरिक्ष तकनीक विकसित करने और स्पेस मलबे जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए भी काम कर रहे हैं।
रक्षा सचिव का बयान
मीडिया से बातचीत के दौरान जब रक्षा सचिव आरके सिंह से पूछा गया कि क्या स्वतंत्रता दिवस समारोह में युवाओं पर विशेष ध्यान हाल के युवा प्रदर्शनों के कारण लिया गया है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि युवाओं की उपलब्धियों और योगदान को स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रमुखता देने की योजना पहले से ही बनाई गई थी, और इसका हाल में हुए किसी प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है।
