भारत की नौसेना को अलर्ट: अरब सागर में बढ़ते खतरे के बीच सुरक्षा उपाय
भारत की नौसेना को अलर्ट किया गया
भारत ने अपनी नौसेना को उच्च सतर्कता पर रखा है, जिसके परिणामस्वरूप अरब सागर से लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य तक स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। यह कदम तब उठाया गया है जब भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हमलों की लगातार रिपोर्टें आ रही हैं। पिछले सप्ताह में तीन अलग-अलग वाणिज्यिक जहाजों पर हमले हुए हैं, जिनमें से सभी पर भारतीय चालक दल मौजूद थे। पहले हमले में 24 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दूसरे हमले में तीन भारतीय नागरिकों की जान चली गई। तीसरे हमले में सभी लोग सुरक्षित निकाले गए। इन घटनाओं के बाद, भारत सरकार ने अमेरिका के एक वरिष्ठ राजनयिक को बुलाकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे हमले तुरंत रुकने चाहिए।
भारत का एक्शन प्लान क्या है?
दुनिया भर में लगभग 3 लाख भारतीय नाविक विभिन्न वाणिज्यिक जहाजों पर कार्यरत हैं। इनमें ऑयल टैंकर, गैस कैरियर और कार्गो शिप शामिल हैं। फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी, अरब सागर और लाल सागर में बढ़ते तनाव का सीधा असर भारत के हजारों नागरिकों पर पड़ सकता है। भारत सरकार ने उच्चतम अलर्ट जारी किया है, जिसका अर्थ है कि सभी एजेंसियों को 24 घंटे निगरानी में रखा जाएगा। भारतीय जहाजों की लगातार ट्रैकिंग की जाएगी और किसी भी हमले की स्थिति में तुरंत बचाव कार्य शुरू किया जाएगा। मेडिकल इवाक्यूएशन, कूटनीतिक हस्तक्षेप और नौसैनिक सहायता के लिए एजेंसियों को तैयार रहने के लिए कहा गया है।
भारतीय नौसेना की संभावित कार्रवाइयाँ
भारतीय नौसेना समुद्री निगरानी को बढ़ा सकती है। वॉरशिप, ड्रोन, सेटेलाइट और समुद्री पेट्रोलिंग एयरक्राफ्ट के माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर भारतीय जहाजों को भी सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा सकता है। पहले भी भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन संकल्प और एंटी-पाइरेसी मिशनों के दौरान भारतीय हितों की सुरक्षा की है। वाणिज्यिक जहाजों के पास अपनी कोई सैन्य सुरक्षा नहीं होती, इसलिए वे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों पर निर्भर करते हैं। ऐसे में किसी भी मिसाइल हमले का सबसे बड़ा खतरा जहाज पर मौजूद नागरिक क्रू को होता है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
