भारत की पहली बुलेट ट्रेन: मुंबई से अहमदाबाद का सफर होगा आसान
नई दिल्ली में बुलेट ट्रेन का ऐलान
नई दिल्ली: भारत में हाई-स्पीड ट्रेन का सपना अब हकीकत में बदलने जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को घोषणा की कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का पहला खंड अगले वर्ष शुरू होगा। इसके साथ ही, सरकार ने हैदराबाद से जुड़ने वाले तीन नए हाई-स्पीड कॉरिडोर की योजना भी साझा की।
सूरत-बिलिमोरा से होगी शुरुआत
रेल मंत्री ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद मार्ग पर कार्य तेजी से प्रगति पर है। पहले चरण में अगले वर्ष सूरत से बिलिमोरा के बीच बुलेट ट्रेन का संचालन किया जाएगा। इसके बाद अन्य हिस्सों को क्रमबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। योजना के अनुसार, पहले वापी से सूरत, फिर वापी से अहमदाबाद, उसके बाद अहमदाबाद से ठाणे और अंत में अहमदाबाद से मुंबई तक पूरा कॉरिडोर तैयार होगा। रेल मंत्रालय ने वैष्णव के बयान का वीडियो साझा करते हुए कहा, "भारत की पहली बुलेट ट्रेन अपने अगले चरण में प्रवेश कर रही है।"
हैदराबाद बनेगा हाई-स्पीड हब
HYSEA GCCS और IT राउंडटेबल में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने हैदराबाद के लिए तीन प्रमुख बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की घोषणा की है। ये पूरे दक्षिण भारत के परिवहन को बदल देंगे।
1. पुणे - हैदराबाद: यात्रा का समय घटकर केवल 2 घंटे रह जाएगा
2. हैदराबाद - चेन्नई: सफर 3 घंटे में पूरा होगा
3. हैदराबाद - बेंगलुरु: 2 घंटे 35 मिनट में पहुंचा जा सकेगा
इसके अलावा, हैदराबाद से मुंबई का सफर 2 घंटे 50 मिनट और हैदराबाद से अमरावती केवल 1 घंटे 10 मिनट में पूरा होगा। वैष्णव ने कहा, "हैदराबाद हाई-स्पीड हब बन जाएगा। इससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाएं आपस में जुड़ जाएंगी और विकास को नई गति मिलेगी।"
तेलंगाना को 5400 करोड़ का तोहफा
रेल मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी द्वारा तेलंगाना के लिए 5,400 करोड़ रुपये का बड़ा रेलवे बजट आवंटित किया गया है। इससे राज्य में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। मंत्री के अनुसार, तीनों कॉरिडोर शुरू होने के बाद हैदराबाद देश का सबसे बड़ा हाई-स्पीड जंक्शन बन जाएगा, जिससे IT, बिजनेस और पर्यटन तीनों क्षेत्रों को लाभ होगा।
क्या है मुंबई-अहमदाबाद प्रोजेक्ट
508 किलोमीटर लंबा मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत का पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट है। इसमें 12 स्टेशन होंगे और ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की गति से चलेगी। जापान के सहयोग से बन रही इस ट्रेन से मुंबई-अहमदाबाद की दूरी 2 घंटे से भी कम समय में तय होगी। सरकार का लक्ष्य है कि पहले सूरत-बिलिमोरा खंड से लोगों को हाई-स्पीड का अनुभव कराया जाए, फिर धीरे-धीरे पूरा मार्ग चालू किया जाए।
