भारत के विदेश मंत्री की न्यूयॉर्क यात्रा: वैश्विक कूटनीति में महत्वपूर्ण कदम
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की भागीदारी
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में भाग लेकर भारत के अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस सत्र के दौरान, उन्होंने यूरोपीय संघ (EU) के अपने समकक्षों और नाउरू के राष्ट्रपति डेविड अडियांग के साथ कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय चर्चाएँ कीं।
जयशंकर की न्यूयॉर्क यात्रा
जयशंकर ने रविवार को न्यूयॉर्क पहुंचकर भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा, "आज दोपहर न्यूयॉर्क में EU के सहयोगियों से मुलाकात करना बहुत अच्छा रहा।" उन्होंने भारत-ईयू सहयोग, बहुपक्षीय मुद्दों और खाड़ी क्षेत्र, यूक्रेन तथा हिंद-प्रशांत के मौजूदा घटनाक्रम पर चर्चा की।
भारत की वैश्विक भूमिका
संयुक्त राष्ट्र महासभा का यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितताएँ और जलवायु संकट बढ़ रहे हैं। एस. जयशंकर की यह यात्रा दर्शाती है कि भारत ग्लोबल साउथ की आवाज बनने के साथ-साथ विकसित देशों और रणनीतिक गठबंधनों के साथ भी मजबूती से तालमेल बना रहा है।
भविष्य की बैठकें
आने वाले दिनों में, विदेश मंत्री अन्य देशों के विदेश मंत्रियों और संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ और भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे, जिससे भारत का वैश्विक दृष्टिकोण और अधिक स्पष्ट और प्रभावशाली होगा।
ट्विटर पर जयशंकर का संदेश
Glad to meet President David Adeang of Naoero on the sidelines of #UNHighLevelWeek
Appreciate the strong bilateral and multilateral cooperation with Naoreo. India remains strongly committed as a development partner.
🇮🇳🇳🇷 pic.twitter.com/aphv9FTE2y
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) September 21, 2026
