Newzfatafatlogo

भारत-चीन सीमा विवाद: चीन की नई रणनीति और भारत की प्रतिक्रिया

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद एक बार फिर से गरमा गया है। हाल ही में चीन ने भारत के साथ संबंध सुधारने की कोशिश की, लेकिन इसके तुरंत बाद उसने लद्दाख में अपने दावे बढ़ा दिए और अरुणाचल प्रदेश में तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों में लिप्त हो गया। भारत ने चीन की हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दिया है। जानिए इस विवाद की जटिलताओं और दोनों देशों के बीच के ताजा घटनाक्रम के बारे में।
 | 

भारत-चीन संबंधों में तनाव

चीन एक चालाक और विश्वासघाती देश है, जिसके साथ बिना सोचे-समझे दोस्ती करना अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है। भारत चीन की हर चाल से भलीभांति परिचित है। इसलिए, जब भी चीन भारत के साथ संबंध सुधारने की बात करता है, भारत पहले उसके इरादों को समझता है और फिर आगे बढ़ता है। हाल ही में, चीन ने भारत के साथ संबंध सुधारने की इच्छा जताई थी, लेकिन कुछ ही दिनों बाद यह सामने आया कि उसने लद्दाख के 28 स्थानों को अपने क्षेत्र में शामिल कर लिया और अरुणाचल प्रदेश के सीमा पर तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों में लिप्त हो गया। इस तनाव के कारण दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने आ गए, और भारत ने चीन को स्पष्ट संदेश दिया। भारत ने कहा कि एलएसी पर स्थिति तब तनावपूर्ण होती है जब चीनी सैनिक निर्धारित गश्त के तरीकों का पालन नहीं करते। इस बयान के बाद से चीन की स्थिति बिगड़ गई है।


चीन का प्रतिक्रिया और भारत की स्थिति

बॉर्डर पर मुंह की खाने के बाद, चीन का यह पहला बयान आया है जो दर्शाता है कि भारत की कार्रवाई से उसकी स्थिति कितनी खराब हो गई है। अरुणाचल प्रदेश में सीमा पेट्रोलिंग के दौरान टकराव के संबंध में चीन ने कहा है कि वह दोनों देशों के बीच हुए समझौते का पालन करता है और सामान्य पेट्रोलिंग करता है। चीन के विदेश मंत्रालय ने यह बयान तब दिया जब भारत ने कहा था कि चीन की ओर से तय पेट्रोलिंग के तरीकों का पालन न करने पर एलएसी की स्थिति बिगड़ती है। इस प्रकार, चीन अब सफाई देने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा, भारत के मजबूत हौसले को देखकर चीन अब शांति की बात कर रहा है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुआ याकून ने कहा कि चीन और भारत राजनयिक और सैन्य माध्यमों से एक-दूसरे के संपर्क में हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत भी इसी दिशा में काम करेगा ताकि दोनों पक्षों के बीच बनी सहमतियों को लागू किया जा सके और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।


सीमा विवाद की जटिलताएँ

भारत और चीन के बीच एलएसी का सीमांकन अभी भी पूरा नहीं हुआ है, जिसके कारण कई स्थानों पर दोनों देशों की सीमाओं के बारे में धारणा भिन्न है। इस कारण गश्त के दौरान सैनिकों के आमने-सामने आने और टकराव की घटनाएँ होती रहती हैं। भारत-चीन के बीच कुल मिलाकर 3488 किमी लंबी एलएसी है। जब भी चीन सीमा पर तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियाँ करता है, भारत उसे मुंहतोड़ जवाब देता है। अरुणाचल प्रदेश के बॉर्डर पर भी इस बार भारत ने ऐसा ही किया। इसलिए, अब चीन सफाई देने की कोशिश कर रहा है।