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भारत ने अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावों को किया खारिज

भारत ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित घुसपैठ के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है। सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि सीमा के कुछ हिस्सों का सीमांकन अभी बाकी है, लेकिन निगरानी और सुरक्षा बल सक्रिय हैं। चीन के पुराने दावों का संदर्भ देते हुए, भारत ने अपनी स्थिति को स्पष्ट किया है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है। इस मुद्दे पर और जानकारी के लिए पूरा लेख पढ़ें।
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नई दिल्ली में चीन की घुसपैठ के दावों पर सरकार की प्रतिक्रिया


नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित घुसपैठ के बारे में सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के बीच, सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये आरोप निराधार हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, सीमा के कुछ हिस्सों का सीमांकन अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था को मजबूत किया गया है।


सरकार का स्पष्टीकरण: चीन की घुसपैठ का कोई सबूत नहीं

सरकारी सूत्रों ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से किसी प्रकार की 'धीमी घुसपैठ' नहीं हो रही है। सोशल मीडिया पर जो दावे किए जा रहे हैं, वे बिना किसी ठोस जानकारी के हैं। भारत-चीन सीमा के कुछ हिस्सों का सीमांकन अभी बाकी है, जिससे गश्ती दलों का आमना-सामना हो सकता है, लेकिन इसके लिए पहले से ही प्रोटोकॉल और व्यवस्थाएं मौजूद हैं।



सुरक्षा बलों की सक्रियता पर जोर

सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना और ITBP सीमा क्षेत्र में लगातार निगरानी रख रहे हैं। सुरक्षा बलों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रखा गया है। सरकार ने कहा है कि बिना वास्तविक स्थिति को समझे बड़े दावे करना उचित नहीं है। सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास ने गश्ती और निगरानी की क्षमता को भी बढ़ाया है।


चीन के पुराने दावों का संदर्भ

चीन लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता आ रहा है, जिसे वह 'दक्षिण तिब्बत' कहता है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि 1960 की सीमा वार्ताओं के दौरान चीन ने इस क्षेत्र के लगभग 69,000 वर्ग किलोमीटर पर दावा किया था। 1959 में लोंगजू में असम राइफल्स की चौकी पर भी चीनी हमला हुआ था। 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान भी कई घाटियों में सैन्य कार्रवाई हुई थी।



भारत का स्पष्ट रुख: अरुणाचल प्रदेश है अभिन्न हिस्सा

चीन के दावों के बीच, भारत ने अपनी स्थिति को स्पष्ट किया है। विदेश मंत्रालय ने पहले ही कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। चीन द्वारा स्थानों के नाम बदलने की कोशिशों को भारत ने खारिज किया है। भारत ने 27 स्थानों के आधिकारिक नाम भी दर्ज किए हैं, जबकि चीन ने 2017, 2021 और 2023 में कई स्थानों के लिए अलग नाम जारी किए हैं। भारत का कहना है कि इस तरह के एकतरफा नामकरण से वास्तविक स्थिति नहीं बदल सकती।