भारत ने एर्दोगन के कश्मीर पर बयान को किया खारिज
कश्मीर मुद्दे पर एर्दोगन का बयान
हाल ही में तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयब एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाया। एर्दोगन को पाकिस्तान का करीबी सहयोगी माना जाता है और वह अक्सर कश्मीर पर पाकिस्तान का समर्थन करते हैं। इस बार, भारत ने एर्दोगन के बयान का कड़ा जवाब दिया है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में, एर्दोगन ने विश्व नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि दक्षिण एशिया में कश्मीर सहित सभी विवादों का समाधान संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्र और प्रस्तावों के अनुसार बातचीत के माध्यम से होना चाहिए।
भारत के विदेश मंत्रालय ने एर्दोगन की टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर किसी बाहरी पक्ष का कोई अधिकार नहीं है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह मामला भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से संबंधित है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में एर्दोगन के बयानों को निराधार बताया और कहा कि भारत इस मुद्दे पर किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा।
22 सितंबर को भी, एर्दोगन ने यूएनजीए में कश्मीर का मुद्दा उठाया था और बातचीत के माध्यम से समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया था।
