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भारत ने नेपाल में बाढ़ राहत के लिए बेली पुल के हिस्से भेजे

भारत ने नेपाल में बाढ़ प्रभावित बेत्रावती क्षेत्र में संपर्क बहाल करने के लिए बेली पुल के हिस्सों की पहली खेप भेजी है। इस सहायता का उद्देश्य हाल की भीषण बाढ़ के बाद राहत कार्यों को तेज करना है। भारतीय वायुसेना ने राहत सामग्री पहुंचाने के लिए विशेष उड़ानें संचालित की हैं, और भारत ने नेपाल के बचाव प्रयासों में सहयोग देने का आश्वासन दिया है। जानें इस सहायता के बारे में और अधिक जानकारी।
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नेपाल में बाढ़ राहत कार्य

(फाइल फोटो के साथ जारी) काठमांडू, 13 सितंबर: भारत ने बाढ़ से प्रभावित बेत्रावती क्षेत्र में संपर्क बहाल करने के लिए 70 मीटर लंबे बेली पुल के हिस्सों की पहली खेप नेपाल को भेजी है। इस जानकारी को काठमांडू में भारतीय राजदूत ने साझा किया। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि यह खेप शनिवार को हेटौडा में नेपाल के सड़क प्रभाग को सौंपी गई।


उन्होंने यह भी कहा कि पुल के अन्य हिस्सों की खेप भी जल्द ही नेपाल पहुंचेगी। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह पुल नेपाल में हाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित बेत्रावती क्षेत्र में संपर्क बहाल करने में सहायक होगा।’’ बेली पुल एक अस्थायी इस्पात पुल है, जिसे पहले से तैयार हिस्सों से बिना भारी मशीनरी के हाथ से जल्दी जोड़ा जा सकता है।


यह सहायता 26 अगस्त को नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों में आई बाढ़ के बाद भारत द्वारा दी जा रही मानवीय सहायता का हिस्सा है। इस आपदा में रविवार तक लगभग 1,400 लोगों की जान जा चुकी है और 5,000 से अधिक लोग लापता हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने अब तक 130 टन से अधिक राहत सामग्री नेपाल भेजी है और बचाव, राहत तथा फॉरेंसिक अभियानों में मदद के लिए 54 विशेषज्ञों को तैनात किया है।


भारत ने अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप और दवाओं के साथ-साथ बचाव अभियानों के लिए विशेष उपकरण, डीएनए किट और फॉरेंसिक उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं। भारतीय वायुसेना ने राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कम से कम आठ विशेष उड़ानें संचालित की हैं। भारत का सुरंग बचाव दल नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रहा है, जबकि एक फॉरेंसिक दल मृतकों की पहचान में नेपाली प्राधिकारियों की सहायता कर रहा है। भारत ने बाढ़ के बाद नेपाल के बचाव, राहत और पुनर्वास प्रयासों में सहयोग देने का आश्वासन दिया है।