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भारत ने पश्चिम एशिया में बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई, समुद्री सुरक्षा की मांग की

भारत ने पश्चिम एशिया में बढ़ती हिंसा को गंभीर चिंता का विषय बताया है। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए समुद्री जहाजों पर हमलों की निंदा करते हुए, भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में निर्बाध नौवहन और व्यापार की बहाली की मांग की है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया। जानें इस मुद्दे पर भारत की स्थिति और उसके आर्थिक हितों के बारे में।
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भारत की चिंता और मांग

भारत ने पश्चिम एशिया में बढ़ती हिंसा और तनाव को गंभीर चिंता का विषय बताया है। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में कई समुद्री जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए, भारत ने क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में निर्बाध नौवहन और व्यापार को जल्द बहाल करने की अपील की। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि यह क्षेत्र भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि हाल के हमलों के बाद स्थिति चिंताजनक हो गई है।


हरीश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा के दौरान कहा कि इस महीने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे कई जहाजों पर हमले हुए हैं। इन हमलों में कई भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की स्थिति गंभीर है। एक भारतीय नागरिक की जान भी गई है और एक अन्य अभी भी लापता है। भारत ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है।


संवाद और कूटनीति की आवश्यकता

भारत ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया। हरीश ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार समुद्री मार्गों पर निर्बाध नौवहन और व्यापार को बहाल करने की आवश्यकता पर बल दिया।


ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के युद्ध के बीच, 11 जुलाई को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने की घोषणा की। संयुक्त राष्ट्र के एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए आर्थिक एवं सामाजिक आयोग के अनुसार, संघर्ष से पहले प्रतिदिन 100 से अधिक जहाज इस मार्ग से गुजरते थे।


भारत के आर्थिक हित

हरीश ने बताया कि इस क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता भारत के महत्वपूर्ण हितों से जुड़ी हुई है। भारत का व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति तंत्र पश्चिम एशिया से गहराई से जुड़ा हुआ है। भारत और पश्चिम एशिया के बीच लगभग 180 अरब डॉलर का वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार होता है।


उन्होंने कहा कि लगभग एक करोड़ भारतीय खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे हैं और उनकी सुरक्षा भारत की प्राथमिकता है। भारत ने सुरक्षा परिषद में यह भी कहा कि दुनिया का ध्यान केवल होर्मुज जलडमरूमध्य पर केंद्रित नहीं होना चाहिए, बल्कि गाजा पट्टी में चल रहे मानवीय संकट की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।


अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी

हरीश ने नागरिकों की मौत और असैन्य बुनियादी ढांचे के विनाश को गंभीर चिंता का विषय बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की अपील की।