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भारत ने पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र में किया तीखा प्रहार

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि परमाणु हथियारों को शासन चलाने का साधन नहीं माना जाना चाहिए। इस दौरान, भारत ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भी स्पष्ट रुख अपनाया और कहा कि वह किसी भी प्रकार की परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकेगा। भारत की सैन्य क्षमताएं पूरी तरह से रक्षात्मक हैं और आतंकवाद के खिलाफ उसकी कार्रवाई का जिक्र भी किया गया। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत ने क्या कहा।
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भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

(योषिता सिंह) संयुक्त राष्ट्र, 10 अक्टूबर: भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि परमाणु हथियारों को शासन चलाने का साधारण उपकरण नहीं माना जाना चाहिए। भारत ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी प्रकार की परमाणु धमकी या दबाव के सामने नहीं झुकेगा। यह बयान संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम समिति की बैठक में दिया गया, जिसमें निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।


जम्मू-कश्मीर पर भारत का स्पष्ट रुख

भारत के स्थायी मिशन में निरस्त्रीकरण के वरिष्ठ सलाहकार अनमोल शेर सिंह बेदी ने पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने के बाद भारत का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और भारत अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली करने की मांग करता है। बेदी ने यह भी कहा कि भारत शांति का पक्षधर है और सभी के साथ शांति चाहता है।


भारत की सैन्य क्षमताएं

बेदी ने यह स्पष्ट किया कि भारत की सैन्य क्षमताएं पूरी तरह से रक्षात्मक हैं और ये देश की सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार निर्धारित की गई हैं। उन्होंने कहा कि ये क्षमताएं किसी अन्य देश को निशाना बनाने के लिए नहीं बनाई गई हैं। उन्होंने क्षेत्र में तनाव को लेकर जताई गई चिंताओं को भी स्वीकार किया।


पाकिस्तान की रणनीति पर भारत की टिप्पणी

पाकिस्तान की रणनीति का उल्लेख करते हुए बेदी ने कहा कि भारत के अनुभव के अनुसार, हर संकट का एक समान तरीका होता है - पहले उकसाना, फिर पल्ला झाड़ना, और जब भारत जवाब दे, तो संयम बरतने की बात करना। भारत ने तीन स्पष्ट रेखाएं तय की हैं, जिनका उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई

बेदी ने बताया कि पिछले साल मई में भारत की कार्रवाई एक गंभीर उकसावे के बाद की गई थी। पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने आत्मरक्षा में कदम उठाया। भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था।