भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर पर विवाद और प्रतिक्रिया
सर्जियो गोर का भारत में आगमन
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के आगमन के बाद से एक उत्साह का माहौल बना हुआ था। गोर, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी माने जाते हैं, ने अपने कार्यकाल के दौरान काफी चर्चा बटोरी। ट्रंप के चुनावी अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है और उनके दोबारा चुनाव जीतने के बाद नई टीम बनाने में भी गोर ने अहम योगदान दिया। इस उम्मीद के साथ उन्हें भारत का राजदूत नियुक्त किया गया था कि इससे दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार होगा। लेकिन, इसके विपरीत, गोर के भारत आने के बाद से भारत और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा है। ट्रंप ने भारत को निशाना बनाना शुरू कर दिया है और भारतीय मूल के अमेरिकियों को भी परेशान किया जा रहा है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
गोर के बारे में एक नई बहस भी शुरू हो गई है। कई विपक्षी नेता और उनके समर्थक उन्हें 'वायसराय गोर' कहकर संबोधित कर रहे हैं। यह उपाधि उस समय के ब्रिटिश वायसरायों की याद दिलाती है, जब वे भारत पर शासन करते थे। गोर देशभर में यात्रा कर रहे हैं, जिसमें विवादास्पद सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा भी शामिल है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश का दौरा किया है। हाल ही में, वे अमृतसर पहुंचे, जहां सिख समुदाय ने उनका स्वागत किया। इस दौरान 'खालिस्तान जिंदाबाद' और 'गॉड ब्लेस अमेरिका' जैसे नारे भी लगाए गए। इस घटना पर भारत की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
