भारतीय यात्रियों के लिए अमेरिकी वीजा प्रक्रिया में भारी देरी
अमेरिका जाने की योजना बना रहे भारतीयों के लिए चिंता का विषय
यदि आप अमेरिका की यात्रा की योजना बना रहे हैं, चाहे वह छुट्टियों के लिए हो या किसी महत्वपूर्ण व्यापारिक सौदे के लिए, तो यह जानकारी आपके लिए चिंताजनक हो सकती है। भारतीय नागरिकों के लिए अमेरिकी वीजा प्राप्त करना अब एक कठिन परीक्षा बन गया है। अमेरिकी सरकार के आधिकारिक आंकड़ों ने पुष्टि की है कि भारतीयों के लिए यूएस वीजा इंटरव्यू का इंतजार अब रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। 'गवर्नमेंट एकाउंटेबिलिटी ऑफिस' (GAO) की हालिया ऑडिट रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि वित्त वर्ष 2025 में नॉन-इमिग्रेंट वीजा, विशेषकर टूरिस्ट और बिजनेस वीजा के लिए भारतीय आवेदकों को इंटरव्यू की तारीख पाने के लिए औसतन 346 दिन का इंतजार करना पड़ा है।
वीजा प्रक्रिया में बढ़ती देरी
सोचिए, 2019 में जहां एक भारतीय को इंटरव्यू के लिए औसतन केवल 42 दिन का इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब यह समय 8 गुना से अधिक बढ़ गया है। 28 सितंबर को जारी इस रिपोर्ट ने स्पष्ट किया है कि भारत में अमेरिकी वीजा की मांग और अमेरिकी दूतावासों की वीजा प्रोसेसिंग क्षमता के बीच एक बड़ा अंतर उत्पन्न हो गया है। इस वीजा स्लॉट की कमी ने हजारों भारतीयों के सपनों पर ब्रेक लगा दिया है।
भारत में वीज़ा आवेदन की संख्या
वित्त वर्ष 2025 में भारत में लगभग 14.5 लाख नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों को केवल 68 कॉन्सुलर अधिकारियों ने संभाला, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक अधिकारी पर लगभग 21,401 आवेदन थे। GAO की रिपोर्ट में भारत को सबसे अधिक काम के बोझ वाले देशों में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में लंबी लाइनों के कारणों में स्टाफ की कमी और वीजा की मांग में तेजी से वृद्धि को बताया गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वीज़ा प्रक्रिया
यह समस्या केवल भारत तक सीमित नहीं है। पूरे अमेरिकी कॉन्सुलर सिस्टम में, विज़िटर-वीज़ा आवेदनों की संख्या FY2019 में 92 लाख से बढ़कर FY2025 में 1.17 करोड़ हो गई है। वहीं, नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा का काम संभालने वाले अधिकारियों की संख्या FY2024 में 1,342 से घटकर FY2025 में 904 रह गई। यह कमी नई भर्तियों में रुकावट और कर्मचारियों के इस्तीफे के कारण हुई है।
B1/B2 वीज़ा के लिए लंबा इंतज़ार
B1/B2 वीज़ा के लिए आवेदन करने वालों को सबसे लंबी लाइनों का सामना करना पड़ रहा है। 17 सितंबर को अपडेट की गई US स्टेट डिपार्टमेंट की जानकारी के अनुसार, भारत में अगली उपलब्ध B1/B2 अपॉइंटमेंट के लिए अनुमानित इंतज़ार का समय इस प्रकार है: हैदराबाद: लगभग 12 महीने, मुंबई: लगभग 11.5 महीने, नई दिल्ली: लगभग 10 महीने, चेन्नई: लगभग 7.5 महीने, कोलकाता: लगभग 6.5 महीने।
वीज़ा शुल्क में वृद्धि
अमेरिका जाने की योजना बना रहे भारतीयों के लिए लंबा इंतज़ार ही एकमात्र चिंता का विषय नहीं है। वीज़ा आवेदकों को बढ़ती लागत का भी सामना करना पड़ रहा है। B1/B2 विज़िटर वीज़ा के लिए स्टैंडर्ड एप्लीकेशन प्रोसेसिंग फ़ीस $185 है। इसके अलावा, US कांग्रेस ने 2025 के इमिग्रेशन कानून के तहत नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा आवेदकों के लिए $250 की नई 'वीज़ा इंटीग्रिटी फ़ीस' का प्रावधान किया है।
