मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान संघर्ष: होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज़ में आग
संघर्ष का नया मोड़
मध्य पूर्व में चल रहे अमेरिका-ईरान संघर्ष ने समुद्री मार्गों और संवेदनशील परमाणु स्थलों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सोमवार की सुबह, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ओमान के तट के निकट एक वाणिज्यिक जहाज़ में आग लग गई, जिससे खाड़ी क्षेत्र में पहले से मौजूद सैन्य तनाव और बढ़ गया है। ब्रिटिश सेना की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने इस घटना की पुष्टि करते हुए उच्च सतर्कता का अलर्ट जारी किया है।
आग लगने की पुष्टि
यह घटना ओमान के तट के पास हुई, जहां ब्रिटिश समुद्री अधिकारियों ने आग लगने की पुष्टि की, लेकिन इसके कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। यह घटनाक्रम उस समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय शिपिंग और ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव पड़ रहा है।
अमेरिका के हवाई हमले
सोमवार की सुबह, अमेरिका ने ईरान पर एक और हवाई हमला किया, जो लगातार नौवीं रात है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाज़ों को धमकाने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं।
ईरान के मिसाइल हमले
जैसे ही अमेरिका ने अपने हवाई अभियान को तेज किया, ईरान ने मध्य पूर्व में कई अमेरिकी सहयोगियों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया। बहरीन, जॉर्डन और कुवैत ने संभावित खतरों से निपटने के लिए अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय किया।
कुवैत में हमले की घटनाएँ
कुवैत में, एक डिसेलिनेशन प्लांट पर दो दिनों में दूसरी बार हमला हुआ, जिससे प्लांट में आग लग गई। हालांकि, मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय पावर ग्रिड स्थिर रहा है।
क्षेत्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल ने ईरान पर आम नागरिकों के बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। इसके महासचिव ने ईरान के खिलाफ युद्ध अपराध का आरोप लगाया है, जो अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है।
