मध्य पूर्व में तनाव: अमेरिका ने ईरान पर किया रक्षात्मक हमला
मध्य पूर्व में तनाव की नई लहर
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के कुछ विशेष ठिकानों पर रक्षात्मक हमले किए हैं। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने पुष्टि की है कि इन हमलों के दौरान केश्म द्वीप पर जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। एक अनाम अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरानी सेना अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का उपयोग कर रही थी, जिसके जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई। हालांकि, ये हमले सीमित दायरे में किए गए हैं।
चुनावों से पहले की सैन्य कार्रवाई
एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, "ईरान अमेरिकी संपत्तियों के खिलाफ सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का उपयोग कर रहा था, जिन्हें निशाना बनाया गया है।" ये हमले अमेरिका में महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले हुए हैं, जो कि सीमित लगते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि अमेरिका मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमले नहीं करेगा। ईरान के खिलाफ संभावित युद्ध और इसके प्रभाव को रिपब्लिकन पार्टी की कमजोरी के रूप में देखा जा रहा है।
संवाद की संभावनाएं
उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि उन्होंने ईरान के साथ बातचीत के संबंध में राष्ट्रपति ट्रंप से चर्चा की है। उन्होंने बताया, "राष्ट्रपति और मुझे लगता है कि बातचीत के जरिए किसी समझौते तक पहुंचने की अच्छी संभावना है।" वेंस ने पिछले हफ्ते ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई को एक पत्र भेजा था, लेकिन व्हाइट हाउस ने इस पत्र की सामग्री के बारे में बहुत कम जानकारी दी है।
कूटनीतिक प्रयास जारी
सैन्य टकराव के बीच कूटनीतिक रास्ते भी खुले रखने के प्रयास जारी हैं। उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने ईरान के साथ संभावित वार्ताओं को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप से चर्चा की है। उन्होंने विश्वास जताया कि बातचीत के जरिए किसी ठोस समझौते पर पहुंचने की अच्छी संभावनाएं हैं।
मानवीय सहायता की पेशकश
पिछले हफ्ते, जे.डी. वेंस ने ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई को एक पत्र भेजा था। हालांकि व्हाइट हाउस ने इस पत्र की पूरी सामग्री सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह पत्र ईरान को मानवीय सहायता, जैसे "चिकित्सा आपूर्ति और अन्य जरूरी चीजों" में मदद करने के उद्देश्य से लिखा गया था।
समझौते की उम्मीदें
सोमवार को वेंस के बयानों से यह संकेत मिला कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक संवाद के जरिए इस गतिरोध को सुलझाने की गुंजाइश अभी भी बाकी है।
