मल्लिकार्जुन खरगे ने गोवा में बीजेपी पर किया तीखा हमला
खरगे का बीजेपी पर हमला
कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गोवा में आयोजित एक जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया, जबकि बीजेपी के लोग अब कांग्रेस की देशभक्ति पर संदेह कर रहे हैं।
आजादी की लड़ाई में बीजेपी का योगदान
खरगे ने कहा कि जब वह विधायक बने थे, तब अमित शाह का जन्म भी नहीं हुआ था। उन्होंने शाह की उम्र का उल्लेख करते हुए कहा कि आज कांग्रेस और गांधी परिवार से देशभक्ति का प्रमाण मांगा जा रहा है, लेकिन बीजेपी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि स्वतंत्रता संग्राम में उनका क्या योगदान था। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सत्ता के लिए विधायकों को अपने पक्ष में लाकर सरकारें बनाती है। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें चुना है और वह हमेशा सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।
बीजेपी पर भेदभाव का आरोप
खरगे ने हल्द्वानी की एक घटना का उल्लेख करते हुए बीजेपी और हिंदू संगठनों पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि 8 अगस्त को उनकी रैली के बाद 10 अगस्त को श्री राम सेना ने उसी स्थान पर गंगाजल का छिड़काव और हवन किया। खरगे ने इसे दलितों के प्रति भेदभाव की सोच से जोड़ा और सवाल उठाया कि क्या किसी दलित नेता के भाषण के बाद किसी स्थान को 'शुद्ध' करने की आवश्यकता होती है। उन्होंने इस घटना पर बीजेपी से स्पष्टीकरण मांगा।
गोवा के दलबदलू नेताओं पर टिप्पणी
गोवा की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा कि राज्य के 12 मंत्रियों में से 10 पहले कांग्रेस में थे और बाद में बीजेपी में शामिल हो गए। उन्होंने दलबदल करने वाले नेताओं को 'गद्दार' करार देते हुए कहा कि इससे गोवा के राजनीतिक मूल्यों और आत्मसम्मान को नुकसान पहुंचा है। खरगे ने लोगों से कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की और कहा कि ऐसे नेताओं को दोबारा मौका नहीं मिलना चाहिए।
