महाराष्ट्र सरकार ने 25 लाख परिवारों के लिए मुफ्त साड़ी योजना को किया बंद
मुफ्त साड़ी योजना का अंत
महाराष्ट्र सरकार ने आर्थिक दबाव के चलते लगभग 25 लाख अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को मुफ्त साड़ी देने की योजना को समाप्त कर दिया है।
कपड़ा विभाग द्वारा जारी आदेश से स्पष्ट होता है कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं में कटौती कर रही है। यह योजना 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के तहत शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों को त्योहारों के समय सहायता प्रदान करना और संकटग्रस्त विद्युत करघा क्षेत्र को समर्थन देना था।
पिछले तीन वर्षों में, सरकार ने दिवाली से पहले अंत्योदय परिवारों को साड़ियां बांटने के लिए हर साल 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था। हालिया आदेश से यह स्पष्ट है कि यह कार्यक्रम अब जारी नहीं रहेगा।
कपड़ा विभाग ने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इस योजना को बंद करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि कई कल्याणकारी योजनाओं और बढ़ते प्रशासनिक खर्चों के कारण साड़ी वितरण जारी रखना संभव नहीं है।
यह निर्णय राज्य के कल्याणकारी खर्चों की गहन जांच के बीच लिया गया है। हाल ही में हुई जांच में 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन' योजना से लगभग 92 लाख महिलाओं के नाम हटा दिए गए थे, जिससे सामाजिक सहायता पहलों की स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस योजना के बंद होने से विद्युत करघा उद्योग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
सरकार की इस योजना के अंत से बुनकरों को काम की कमी का सामना करना पड़ेगा, जो इस सालाना अनुबंध पर निर्भर थे। जुलाई 2026 तक सरकार ने उन परिवारों के लिए कोई वैकल्पिक उपाय नहीं बताया है, जो इस सालाना उपहार पर निर्भर थे। इससे 25 लाख परिवारों को उस लाभ से वंचित होना पड़ा है, जो पिछले तीन वर्षों से उनकी दिवाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
