महिला कांग्रेस ने भोपाल में यज्ञ कर पीएम मोदी की सद्बुद्धि के लिए मांगी प्रार्थना
महिला कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन
भोपाल में अयोध्या राम मंदिर के निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं के खिलाफ महिला कांग्रेस ने शुक्रवार को माता मंदिर के निकट सद्बुद्धि यज्ञ और सामूहिक उपवास का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
यज्ञ का उद्देश्य
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया ने बताया कि यह यज्ञ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सद्बुद्धि के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने हमेशा जनता के हित को प्राथमिकता दी, लेकिन वर्तमान में आम जनता, महिलाएं और गरीब वर्ग परेशान हैं। उनका आरोप है कि सरकार मंदिर निर्माण को प्राथमिकता दे रही है, जबकि जनता की मूल समस्याएं अनदेखी की जा रही हैं।
दिग्विजय सिंह का चंदा और कानूनी कार्रवाई
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1 लाख 11 हजार रुपये का चंदा दिया था और इसकी रसीद उनके पास सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि वह 5 या 6 जुलाई को अपने वकील से चर्चा के बाद अयोध्या जाकर अदालत में वाद दायर करेंगे।
चंदे की जांच की मांग
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितता पाई जाती है, तो ट्रस्ट के जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान राम के नाम पर श्रद्धालुओं ने दान दिया है, इसलिए उस राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। यदि अदालत में वित्तीय गड़बड़ी साबित होती है, तो वह अपना चंदा वापस लेकर किसी मान्यता प्राप्त धार्मिक पीठ को दान करेंगे।
धार्मिक परंपरा का पालन
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन पर धर्म विरोधी होने के आरोप लगाए जाते हैं, जबकि वह स्वयं सनातन परंपरा का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि वह नियमित धार्मिक अनुष्ठान करते हैं और नर्मदा परिक्रमा भी कर चुके हैं। उन्होंने आरएसएस और वीएचपी से भी धार्मिक चंदे के उपयोग का सार्वजनिक हिसाब देने की मांग की।
चंदा चोरों के खिलाफ चेतावनी
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के गठन और पदाधिकारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई संत और शंकराचार्य पहले भी आपत्तियां जता चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने घर के बाहर एक तख्ती लगाएंगे, जिस पर लिखा होगा, 'मेरे घर में चंदा चोरों का प्रवेश निषिद्ध है।' इसके साथ ही उन्होंने लोगों से धार्मिक चंदे के उपयोग में पारदर्शिता की मांग करने की अपील की।
