मायावती ने सरकारी नौकरियों पर ध्यान देने की अपील की
बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर चिंता
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने देश में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, अशिक्षा और भ्रष्टाचार पर केंद्र और राज्य सरकारों की उदासीनता को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार के दौरान पुलिस और पंचायती राज विभाग में लगभग ढाई लाख सरकारी पद बनाए गए थे। अब कॉकरोच जनता पार्टी के 36 दिन के जंतर मंतर आंदोलन ने इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण बना दिया है, जिसके चलते शिक्षा मंत्री को भी अपने पद से हाथ धोना पड़ा।
सरकारी नौकरियों पर ध्यान देने की आवश्यकता
बसपा सुप्रीमो ने सोमवार को एक बयान में कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को लगभग सवा सौ करोड़ गरीबों, श्रमिकों, युवाओं और महिलाओं की वास्तविक चिंता करनी चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय संपत्तियों को निजी हाथों में बेचने की प्रक्रिया को रोकने और सरकारी नौकरियों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सभी विभागों में रिक्त लाखों पदों पर भ्रष्टाचार-मुक्त और समयबद्ध भर्तियों की प्रक्रिया तुरंत शुरू होनी चाहिए।
मानवतावादी नीति की आवश्यकता
मानवतावादी नीति लागू करनी होगी
एक परिवार में एक सरकारी नौकरी मिलने से लाखों परिवारों को लाभ होगा। इससे एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय को संवैधानिक आत्म-सम्मान की सुरक्षा भी मिलेगी। सरकारों को मुनाफाखोरी की सोच को छोड़कर संविधान की मानवतावादी नीति को लागू करना चाहिए। 'हर हाथ को काम' देने वाली यह नीति व्यापक जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम है। जंतर मंतर में आंदोलन कर रहे युवाओं के मुद्दों पर संसद के वर्तमान सत्र में जारी गतिरोध को समाप्त किया जाना चाहिए।
भाजपा और आम आदमी पार्टी से सतर्क रहने की सलाह
इसके साथ ही, उन्होंने भाजपा और आम आदमी पार्टी से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त 2019 को दिल्ली के तुगलकाबाद में संत गुरु रविदास का गुरुघर बुलडोज़र से गिरा दिया गया था। इसके विरोध में देशभर में प्रदर्शन हुए, जिसमें लाठीचार्ज और गिरफ्तारियां भी हुईं। कई लोग जेल गए। गुरुघर की भूमि छीनने से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। पंजाब चुनाव से पहले भाजपा संत रविदास के नाम पर कलश यात्रा के माध्यम से समाज को भटका रही है। धलेता गांव में गुरुघर की दीवार गिराने के बाद बसपा और संगत के विरोध के चलते आम आदमी पार्टी सरकार को पुनर्निर्माण कराना पड़ा। समाज को भाजपा और आम आदमी पार्टी की राजनीति से सतर्क रहना चाहिए।
