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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 1,000 पटवारियों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आम जनता को राहत देने के लिए 1,000 से अधिक राजस्व पटवारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कदम प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने इस भर्ती को पारदर्शी तरीके से पूरा करने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने पटवारियों से अपील की है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाएं। इस निर्णय से न केवल प्रशासनिक सुधार होंगे, बल्कि कर्मचारियों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट होती है।
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मुख्यमंत्री का बड़ा निर्णय

चंडीगढ़- आम जनता को राहत प्रदान करने के लिए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 1,000 से अधिक राजस्व पटवारियों की भर्ती प्रक्रिया को प्रारंभ करें। यह निर्णय राजस्व पटवार यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में लिया गया।


मुख्यमंत्री ने कहा, “इस भर्ती से आम लोगों को काफी राहत मिलेगी, जिससे उनके दैनिक प्रशासनिक कार्य और भी सरल और सुचारू हो जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न किया जाएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि यूनियन ने अपनी जायज मांगों को मानने पर अपनी हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने पटवारियों के कैडर को राज्य स्तर से जिला स्तर पर लाने की मांग को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है।”


उन्होंने आगे कहा, “यह निर्णय भर्ती प्रक्रिया को सुगम बनाएगा और वरिष्ठता तथा पदोन्नति से संबंधित प्रशासनिक बाधाओं को दूर करेगा। यह कदम प्रशासनिक सुधारों और विभाग के कार्यों में सुधार की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।” उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर पटवारी कैडर को पुनर्स्थापित करने के लिए मंत्रिमंडल जल्द ही औपचारिक मंजूरी देगा।


कर्मचारियों के कल्याण के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार अपने कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मैं पटवारियों से अनुरोध करता हूं कि वे पूरी मेहनत और समर्पण के साथ कार्य करें और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सफल कार्यान्वयन सुनिश्चित करें।”


मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सभी पटवारी सरकार द्वारा दी गई जिम्मेदारियों को ईमानदारी और लगन से निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों पर सहानुभूति से विचार करेगी। मैं यूनियन से भी अपील करता हूं कि भविष्य में सेवा से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए हड़ताल के बजाय बातचीत और विचार-विमर्श का रास्ता अपनाएं।”