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मेघालय की राजनीति में बड़ा उलटफेर: UDP के 8 विधायक BJP में शामिल

मेघालय की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है, जब यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के 8 विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया। इस कदम से विधानसभा में बीजेपी की संख्या 2 से बढ़कर 10 हो गई है, जिससे वह दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। विधायकों ने कुछ शर्तें भी रखी हैं, जिनमें कोयला खनन नियमों में बदलाव और खासी भाषा को संविधान में शामिल करने की मांग शामिल है। इस घटनाक्रम ने UDP के लिए एक बड़ा झटका दिया है, क्योंकि उनके पास अब केवल 4 विधायक रह गए हैं।
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राजनीतिक बदलाव की नई लहर


नई दिल्ली: मेघालय की राजनीतिक स्थिति में बुधवार को एक महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के 8 विधायक अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हिस्सा बन गए हैं। इन विधायकों ने दिल्ली में बीजेपी के मुख्यालय में औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा, और प्रदेश अध्यक्ष अनिल एंटनी भी उपस्थित थे।


बीजेपी में शामिल होने वाले विधायकों में लहकमेन रिंबुई, पियुस मारवीन, किर्मेन शायला, मेयरलबोर्न सिएम, मैथ्यू कुरबाह, ओलान सिंह सुइन, बालाजिएड कुपार सिनरेम और सिनशार लिंगदोह थाबाह शामिल हैं।


विधानसभा का समीकरण बदल गया

इन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने से मेघालय विधानसभा का गणित पूरी तरह से बदल गया है। 60 सदस्यीय विधानसभा में पहले UDP के पास 12 विधायक थे, लेकिन अब 8 विधायकों के जाने के बाद उनके पास केवल 4 विधायक रह गए हैं। वहीं, बीजेपी की संख्या 2 से बढ़कर 10 हो गई है, जिससे वह राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।




UDP को लगा बड़ा झटका

यह ध्यान देने योग्य है कि UDP के दो विधायक मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा की सरकार में मंत्री भी हैं। इस प्रकार, इतनी बड़ी संख्या में विधायकों का बीजेपी में शामिल होना UDP के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।


पार्टी में शामिल होने की चर्चा

इस दल-बदल की चर्चा पिछले कुछ दिनों से चल रही थी। 16 सितंबर को UDP विधायक किर्मेन शायला ने खुद कहा था कि पार्टी के 8 विधायक बीजेपी में शामिल होने का मन बना चुके हैं और यह संख्या 9 तक भी जा सकती है। विधायकों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात के बाद यह निर्णय लिया।


विधायकों की मांगें

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी में शामिल होने से पहले विधायकों ने कुछ शर्तें रखी थीं। इनमें कोयला खनन नियमों में संशोधन और खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग शामिल है। इसके अलावा, मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट को लागू करने की भी मांग की गई है। विधायकों का कहना है कि 2028 के चुनाव से पहले इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन मिला है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी विधायकों का स्वागत करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर में विकास हुआ है, और इसी कारण ये विधायक बीजेपी में शामिल हुए हैं।