मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट: सरकार ने क्यों रोकी सेल ब्रॉडकास्ट सेवा?
नई दिल्ली में इमरजेंसी अलर्ट का मामला
नई दिल्ली: हाल ही में, यदि आपके मोबाइल पर अचानक तेज सायरन की आवाज आई हो और स्क्रीन पर कोई इमरजेंसी संदेश दिखाई दिया हो, तो आप अकेले नहीं हैं। देशभर में लाखों लोगों ने ऐसे अलर्ट प्राप्त किए हैं। ये चेतावनी संदेश एक विशेष तकनीक के माध्यम से भेजे गए थे, जिसका उद्देश्य आपदा के समय लोगों को तुरंत जानकारी देना है। हालांकि, अब केंद्र सरकार ने इस सेवा को अगले आदेश तक अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है। इसके पीछे एक विशेष कारण बताया जा रहा है, जिसने सरकारी एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया।
सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम की जानकारी
मोबाइल फोन पर आने वाले ये चेतावनी संदेश सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम के जरिए भेजे जाते हैं। यह एक उन्नत तकनीक है, जिसे प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों में लोगों को समय पर सतर्क करने के लिए विकसित किया गया है। इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह किसी क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोन तक एक साथ संदेश पहुंचा सकती है, बिना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर की आवश्यकता के। जिस टावर के दायरे में फोन होता है, वहां मौजूद सभी लोगों को अलर्ट मिल सकता है।
सेवा रोकने का कारण
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस तकनीक के सफल परीक्षण के बाद इसे नियमित रूप से लागू करने की योजना बनाई जा रही थी। लेकिन हाल ही में आधी रात को जारी एक अलर्ट प्रधानमंत्री मोदी के फोन तक पहुंच गया, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। बताया जा रहा है कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश की आपदा प्रबंधन इकाइयों द्वारा जारी एक अलर्ट प्रधानमंत्री के नंबर तक पहुंच गया। इस घटना के बाद संबंधित एजेंसियों ने पूरे सिस्टम की समीक्षा करने का निर्णय लिया। इसके बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने सेवा को अगले निर्देश तक स्थगित करने का आदेश दिया।
सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का कार्यप्रणाली
सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक सामान्य एसएमएस सेवा से भिन्न है। जहां सामान्य संदेश एक-एक नंबर पर भेजे जाते हैं, वहीं यह प्रणाली मोबाइल टावर के माध्यम से एक साथ हजारों या लाखों डिवाइस तक संदेश पहुंचा सकती है। इस तकनीक का उपयोग विशेष रूप से तब किया जाता है, जब किसी क्षेत्र में बाढ़, भूकंप, चक्रवात, सुनामी या अन्य गंभीर आपदा का खतरा हो। ऐसी स्थिति में लोगों को कुछ ही सेकंड में चेतावनी देना अत्यंत आवश्यक होता है।
सामान्य SMS से बेहतर क्यों है यह प्रणाली?
आपदा संबंधी चेतावनी देने के लिए पहले एसएमएस का उपयोग किया जाता था, लेकिन जब बड़ी संख्या में संदेश भेजे जाते हैं, तो नेटवर्क पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे संदेश पहुंचने में देरी हो सकती है। वहीं, सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक इस समस्या से काफी हद तक बचाती है। यह संदेश को सीधे नेटवर्क क्षेत्र में प्रसारित करती है, जिससे अलर्ट लगभग तुरंत लोगों तक पहुंच जाता है। यही कारण है कि इसे आपदा प्रबंधन के लिए अधिक प्रभावी माना जाता है।
साइलेंट मोड में भी अलर्ट क्यों बजता है?
इस प्रणाली की एक विशेषता यह है कि यह फोन की सामान्य सेटिंग्स को भी पार कर सकती है। यही कारण है कि कई लोगों के फोन साइलेंट मोड में होने के बावजूद तेज सायरन जैसी आवाज सुनाई दी। इस सुविधा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपातकालीन स्थिति में कोई भी व्यक्ति चेतावनी संदेश को नजरअंदाज न कर सके। इससे लोगों को समय पर सुरक्षित स्थान पर जाने या आवश्यक कदम उठाने का अवसर मिल सकता है।
