Newzfatafatlogo

मौलाना फजलुर रहमान की सेना पर तीखी टिप्पणी, नागरिकों से मिलिशिया बनाने की मांग को किया खारिज

पाकिस्तान के नेता मौलाना फजलुर रहमान ने सेना की आलोचना करते हुए नागरिकों से मिलिशिया बनाने की मांग को खारिज किया है। उन्होंने सेना के नेताओं को चुनावी राजनीति में आने की चुनौती दी और कहा कि सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकारी संस्थानों की है। रहमान ने आसिम मुनीर की अपील का विरोध करते हुए कहा कि नागरिकों से मिलिशिया बनाने का आग्रह केवल हिंसा को बढ़ावा देगा। जानें इस विवादास्पद बयान के पीछे की पूरी कहानी और रहमान की तीखी टिप्पणियाँ।
 | 

पाकिस्तान में मौलाना फजलुर रहमान की आलोचना

जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (F) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने पाकिस्तान की सैन्य नेतृत्व की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आतंकवाद से निपटने के लिए आम नागरिकों के हथियारबंद समूह बनाने की मांग को अस्वीकार कर दिया और सेना के नेताओं को चुनौती दी कि यदि उन्हें राजनीतिक प्रभाव चाहिए, तो उन्हें चुनावी राजनीति में आना चाहिए। एक वायरल वीडियो में रहमान ने कहा कि देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकारी संस्थानों की है, न कि आम नागरिकों की। उन्होंने कहा, "आप मुझ पर अपने खून के एहसान की बात क्यों करते हैं? आप हमारे टैक्स से अपनी सैलरी लेते हैं, और फिर हमसे कहते हैं कि हम मिलिशिया बनाएं। मैं कोई लश्कर नहीं बनाऊंगा।"


रहमान की चेतावनी

रहमान ने आगे कहा कि आप चले जाएंगे, लेकिन आप मेरे देश को आने वाली पीढ़ियों के लिए आपसी दुश्मनी की ओर धकेल रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को चुनौती दी कि वे अपनी वर्दी उतारकर चुनाव में भाग लें। उन्होंने कहा, "अगर आप राजनीति करना चाहते हैं, तो वर्दी उतारकर आएं; चुनाव में हिस्सा लें और तब यह साफ हो जाएगा कि लोग वर्दी वालों को कितने वोट देते हैं।"


आसिम मुनीर की अपील पर प्रतिक्रिया

रहमान की यह तीखी प्रतिक्रिया आसिम मुनीर के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने नागरिकों से आतंकवादी समूहों के खिलाफ लड़ाई में सेना का समर्थन करने की अपील की थी। मुनीर ने कहा था कि बिना व्यापक जनसमर्थन के सशस्त्र बल अकेले आतंकवाद को समाप्त नहीं कर सकते। इस अपील को खारिज करते हुए रहमान ने कहा कि नागरिकों से मिलिशिया बनाने का आग्रह केवल हिंसा और प्रतिशोध के चक्र को बढ़ावा देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई राज्य की जिम्मेदारी है।


सैन्य नीतियों पर रहमान की आलोचना

रहमान ने पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान और उनकी नीतियों की बार-बार आलोचना की है। उन्होंने मुनीर को अफगानिस्तान में पाकिस्तान के सैन्य अभियानों की आलोचना करने के लिए भी निशाना बनाया। रहमान ने कहा कि यदि आप अफगानिस्तान पर हमले को उचित ठहराते हैं, तो जब भारत पाकिस्तान के अंदर अपने दुश्मनों को निशाना बनाता है, तो आप क्यों आपत्ति करते हैं?