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यमन के हुतियों ने पाकिस्तान को दी चेतावनी, सऊदी अरब में बढ़ा तनाव

मिडिल ईस्ट में एक गंभीर संकट उत्पन्न हो चुका है, जिसमें यमन के हुतियों ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है। सऊदी अरब में हाल के हमलों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई है, जबकि यमनी सरकार ने सऊदी अरब के समर्थन में कार्रवाई की है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
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मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

मिडिल ईस्ट में एक गंभीर संकट उत्पन्न हो चुका है, जिसने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। 100 से अधिक लड़ाकू विमान आसमान में सक्रिय हैं, जबकि रनवे पर मिसाइलें गिर रही हैं। इस खतरनाक स्थिति में, यमन के हुतियों ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और जनरल असीम मुनीर को चौंका दिया है। हुतियों ने सीधे तौर पर भारत का नाम लेते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि जब भारत के साथ उनका टकराव था, तब वे उनके साथ थे, और अब जब पाकिस्तान सऊदी अरब के लिए बमबारी कर रहा है, तो यह उनके लिए चिंता का विषय है।


सऊदी अरब में हमले और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

हाल के दिनों में लाल सागर और यमन की सीमा पर तनाव बढ़ा है। सऊदी अरब के दो महत्वपूर्ण हवाई अड्डों, किंग खालिद और आभा एयरपोर्ट पर हुतियों ने बैलेस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए, जिसमें तीन निर्दोष लोगों की जान चली गई और 36 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इन हमलों ने रियाद से लेकर वाशिंगटन तक हलचल मचा दी। इसके बाद, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पर सऊदी अरब की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई और मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट का उल्लेख किया।


यमन में सैन्य गतिविधियाँ

सऊदी अरब के समर्थन में यमनी सरकार ने धुबाप शहर पर हमला किया और उसे हुतियों से मुक्त कराया। इस दौरान, सऊदी और उसके सहयोगियों के लगभग 100 फाइटर जेट्स ने हुतियों के ठिकानों पर बमबारी की। हुतियों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रियाद और आभा में स्थित तेल रिफाइनरी पर मिसाइलें दागीं। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान इस संघर्ष में हवाई सहायता और ड्रोन डिफेंस के माध्यम से शामिल है, हालांकि पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने इसे खारिज कर दिया।


हूती विदेश मंत्री की चेतावनी

यमन के हूती विदेश मंत्री अब्दुल वाहिद अबू रास ने पाकिस्तान और तुर्की को चेतावनी दी है कि वे सऊदी अरब की इस लड़ाई में शामिल न हों। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब का उद्देश्य फिलिस्तीन को आजाद करना नहीं है, बल्कि यमन के निर्दोष लोगों के कत्लेआम में सहयोगी बनाना है। उन्होंने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और भारत के साथ उसके विवाद का भी उल्लेख किया, यह कहते हुए कि जब भी पाकिस्तान का भारत के साथ टकराव हुआ, तब उन्होंने उसका समर्थन किया।