Newzfatafatlogo

यमन में हूती विद्रोहियों का हमला: तीन क्यू मेंबर्स की मौत

यमन में ईरान समर्थित विद्रोहियों के हालिया हमले में तीन क्यू मेंबर्स की मौत हो गई है, जिसमें दो पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई नागरिक शामिल हैं। यह हमला तंजानिया के ध्वज वाले जहाज पर हुआ, जो ओमान से जिबूती की ओर जा रहा था। इस घटना ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा गठबंधन की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। जानें इस हमले के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 | 

यमन में दर्दनाक घटना

लाल सागर और बाब अल मंदेब क्षेत्र से एक गंभीर खबर आई है। यमन में ईरान समर्थित विद्रोहियों के हालिया हमले में एक मालवाहक जहाज पर सवार तीन क्यू मेंबर्स की दुखद मृत्यु हो गई। मारे गए व्यक्तियों में दो पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई नागरिक शामिल हैं। यह हमला तंजानिया के ध्वज वाले जहाज तिहामा पर हुआ, जो ओमान के सलालाह से जिबूती की दिशा में जा रहा था। सऊदी अरब के खिलाफ लाल सागर में नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा के बाद यह पहला बड़ा और घातक हमला है। यमन के तटीय गार्ड और सैन्य अधिकारियों के अनुसार, हूतियों ने बाब अल मंदेब जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाया, जिससे तीन निर्दोष क्री मेंबर्स की जान चली गई।


नए तनाव का संकेत

हाल ही में ईरान पर अमेरिकी और इसराइली हमलों के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है, और यह हूती विद्रोहियों का पहला ऐसा हमला है जिसमें इतना बड़ा नुकसान हुआ है। यह घटना उस समय हुई जब अंसार उल्लाह ने सऊदी अरब पर यमन की घेराबंदी का आरोप लगाते हुए लाल सागर और बाब अल मंदेब में सऊदी जहाजों के खिलाफ पूर्ण नाकेबंदी की घोषणा की थी। विद्रोही न केवल व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं, बल्कि उन्होंने सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी सऊदी अरेको की रिफाइनिंग पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। बाब अल मंदेब, जिसे आंसुओं का दरवाजा भी कहा जाता है, से दुनिया का 12% व्यापार गुजरता है, लेकिन इस नाकेबंदी के कारण जहाजों की आवाजाही लगभग आधी हो गई है।


सुरक्षा गठबंधन की स्थिति

जब सऊदी अरब की रिफाइनिंग पर हमले हो रहे हैं और लाल सागर में पाकिस्तानी नागरिकों की जान जा रही है, तब सऊदी, तुर्की और पाकिस्तान का नया त्रिस्तरीय सुरक्षा गठबंधन कहीं भी सक्रिय नहीं दिख रहा है। न तो तुर्की ने कोई ठोस सैन्य कदम उठाया है और न ही पाकिस्तान ने अपने नागरिकों की मौत पर कोई सैन्य प्रतिक्रिया दी है। यह ध्यान देने योग्य है कि जब इस नए गठबंधन की घोषणा की गई थी, तब यमन के अंसार उल्लाह के शीर्ष कमांडरों ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वे किसी भी सैन्य गठबंधन से डरने वाले नहीं हैं। यह घटना यह साबित करती है कि भले ही कागजों पर कितना भी बड़ा गठबंधन हो, लाल सागर और बाब अल मंदेब की सामरिक चाबी आज भी विद्रोहियों के हाथों में है।