यूक्रेन के हवाई हमलों से रूस की तेल शोधन क्षमता पर बड़ा असर
रूस की तेल शोधन क्षमता पर यूक्रेन के हमलों का प्रभाव
कीव, 5 अक्टूबर (एपी) - यूक्रेन ने जानकारी दी है कि उसके लंबी दूरी के हवाई हमलों ने रूस की आधी से अधिक तेल शोधन क्षमता को बाधित कर दिया है। यूक्रेन का कहना है कि इससे रूसी सेना को तेल की आपूर्ति करने में कठिनाई हो रही है। रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि मॉस्को, यारोस्लाव, उस्त-लुगा, पर्म, सेराटोव और सिजरान जैसे कई शहरों में हाल में हुए हमलों के कारण रूस की 51 प्रतिशत तेल शोधन क्षमता प्रभावित हुई है।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। एक बयान में कहा गया है कि 1,200 किलोमीटर लंबी अग्रिम पंक्ति पर लड़ाई में गतिरोध के बावजूद, मॉस्को और कीव दोनों ने हवाई हमलों को तेज कर दिया है। यूक्रेन की सेना ने मॉस्को से लेकर साइबेरिया तक तेल रिफाइनरियों पर लगातार हमले किए हैं।
इन हमलों के कारण इस वर्ष की शुरुआत में रूस में एक गंभीर ईंधन संकट उत्पन्न हुआ, जिसके चलते अधिकारियों को पेट्रोल की बिक्री को सीमित करना पड़ा। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में स्वीकार किया कि इन हमलों के कारण रूस के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग एक प्रतिशत की कमी आई है। पुतिन ने कहा, “यूक्रेन ने तेल रिफाइनरियों पर हमले शुरू किए और हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।”
क्या वे अपने लक्ष्य में सफल हुए? आंशिक रूप से।” यूक्रेन के रक्षा मंत्री येवहेनी खमारा ने कहा कि यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों और रक्षा मंत्रालय के विश्लेषकों ने इन हमलों के प्रभाव का मूल्यांकन किया है। उन्होंने बताया, “हमारी ओर से निशाना बनाई गई तेल शोधन क्षमता का 51 प्रतिशत प्रभावित होना दुश्मन की अर्थव्यवस्था और उसकी आक्रामकता को जारी रखने की क्षमता के लिए एक बड़ा झटका है।”
