यूपी विधानसभा मानसून सत्र: मुख्यमंत्री योगी का विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री का बयान
यूपी विधानसभा का मानसून सत्र: आज यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र का दूसरा दिन है। सदन में अनुपूरक बजट पेश किया गया, जबकि विपक्ष राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और अन्य मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन करता रहा। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत की और सपा तथा कांग्रेस पर तीखे हमले किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा और विपक्ष का व्यवहार आज विधानसभा में सभी ने देखा। यह न केवल सदन की अवमानना है, बल्कि अलोकतांत्रिक और शर्मनाक भी है। विधानसभा की प्रक्रिया और संचालन के नियमों के अनुसार, किसी मुद्दे पर चर्चा तब तक नहीं हो सकती जब तक वह किसी न्यायाधिकरण या आयोग के पास लंबित न हो। विशेष परिस्थितियों में अध्यक्ष अनुमति दे सकते हैं।
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में मुख्यमंत्री ने बताया कि ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन किया गया था। 23 जून को एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसके बाद 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया, और किसी साधु या संत की संलिप्तता नहीं पाई गई। 1100 से अधिक लोग उस प्रांगण में कार्यरत हैं, जिनमें से केवल 8 की भूमिका संदिग्ध पाई गई। सपा और कांग्रेस द्वारा साधु-संतों और मंदिर को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा ने पवित्र सरयू नदी को रक्तरंजित किया था। संसद में सपा और कांग्रेस के सांसदों द्वारा किए गए आरोप सीधे सनातन धर्म का अपमान हैं। इस मामले में पकड़े गए लोग भाजपा या साधु संतों से संबंधित नहीं हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया और 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रण के बावजूद नहीं गए।
उन्होंने आगे कहा कि सपा और कांग्रेस का यह आचरण सनातन का अपमान है और 25 करोड़ जनता पर कुठाराघात है। अब यूपी बीमारू राज्य नहीं रहा, किसान आत्महत्या नहीं कर रहा है। आज यूपी ने खुद को देश की टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित किया है। जिन लोगों ने युवाओं के हक पर डकैती की थी, वही सपा अब यूपी की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रही है।
