योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री का बयान
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं। उन्होंने कहा कि पहले इनका पी पिछड़ा था, अब पंडित हो गया है। एक दिन ये लोग पी को पाकिस्तान में बदल देंगे। उनके बयानों पर विश्वास नहीं किया जा सकता। ये ऐसे लोग हैं जो जिस पेड़ पर चढ़ते हैं, उसे सुखा देते हैं। उन्होंने मायावती के बाबूजी को श्रद्धांजलि देने की प्रशंसा की, जबकि समाजवादी पार्टी के मुखिया ने श्रद्धांजलि देने की भी जहमत नहीं उठाई। यह हर हिंदू का अपमान है, जो बाबूजी के जीवन को सनातन मूल्यों के लिए समर्पित मानता है।
हिंदू गौरव दिवस पर श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री पद्म विभूषण कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित ‘हिंदू गौरव दिवस’ कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने बाबूजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कल्याण सिंह का संघर्ष
मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबूजी कभी भी दबाव में काम नहीं करते थे। उन्होंने कहा कि बाबूजी का जीवन संघर्ष और समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने रामभक्तों के प्रति गोली चलाने का विरोध किया और अपने वचन को निभाया।
समाजवादी पार्टी पर आरोप
योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने महापुरुषों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि सपा ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज से उनका नाम हटा दिया था, जिसे भाजपा सरकार ने फिर से बहाल किया।
भारत के आदर्शों की रक्षा
सीएम ने कहा कि कल्याण सिंह का जीवन हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन बाबूजी की स्मृतियों को आत्मसात करने का है। बाबूजी का जीवन सादगी और संघर्ष से भरा था।
प्रधानमंत्री का श्रद्धांजलि कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबूजी के निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी कार्यक्रम छोड़कर लखनऊ आकर श्रद्धांजलि अर्पित की। जबकि सपा मुखिया ने इसमें भाग नहीं लिया।
बाबूजी की पहचान
योगी ने कहा कि बाबूजी ने उत्तर प्रदेश को पहचान दी और युवाओं के लिए नई सोच दी। उन्होंने कहा कि बाबूजी का जीवन गांव के गरीबों और किसानों के लिए समर्पित था।
कार्यक्रम में उपस्थित लोग
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, सांसद साक्षी महाराज और अन्य कई नेता मौजूद रहे।
