योगी आदित्यनाथ ने शामली और बिजनौर में विकास की नई दिशा का किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री का संबोधन
शामली / बिजनौर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैराना परिवार का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को एक नई पहचान दी है। उन्होंने पंडित भीमसेन जोशी जैसे महान कलाकारों की परंपरा को विश्व स्तर पर मान्यता दिलाने का उल्लेख किया। अंत में, उन्होंने शामली की पवित्र भूमि को नमन करते हुए सभी का दिल से स्वागत किया।
सीएम योगी ने अपने भाषण की शुरुआत 'वंदे मातरम्', 'भारत माता की जय' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों के साथ की। उन्होंने मंच पर उपस्थित मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और भाजपा-रालोद के पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए शामली, कैराना और थानाभवन की जनता का अभिनंदन किया।
शामली की ऐतिहासिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि शामली की भूमि अपनी पौराणिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए विश्व प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्ध पर जाने से पहले इसी क्षेत्र में विश्राम किया था। इसके साथ ही, उन्होंने 1857 की क्रांति में शामली और कैराना के योगदान को याद किया, जो अंग्रेजी शासन की नींव को हिलाने में सहायक रहा।
जनपद शामली में ₹581 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास हेतु आयोजित कार्यक्रम में… https://t.co/FDxTJHLrNv
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 17, 2026
विकास की नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रयागराज त्रिवेणी संगम के लिए प्रसिद्ध है, उसी तरह शामली अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के संगम का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। बेहतर आधारभूत संरचना और मजबूत कानून-व्यवस्था के साथ, शामली आने वाले समय में एनसीआर के सबसे समृद्ध जिलों में से एक बनेगा।
सीएम ने बताया कि 10 साल पहले शामली में स्वास्थ्य सुविधाएं लगभग अनुपस्थित थीं, लेकिन 2017 के बाद स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान, शामली के अस्पतालों में न केवल जिले, बल्कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से भी मरीज इलाज के लिए आए। इसे उन्होंने डबल इंजन सरकार के विकास मॉडल का उदाहरण बताया।
किसानों के हित में कदम
मुख्यमंत्री ने गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने बताया कि आज किसानों को गन्ने का 400 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य मिल रहा है और भुगतान की प्रक्रिया भी पहले से बेहतर हुई है। उत्तर प्रदेश अब गन्ना उत्पादन, चीनी उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में अग्रणी बन चुका है।
उन्होंने कहा कि 2017 में जब सरकार बनी, तब चीनी उद्योग संकट में था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं, जिससे किसानों और उद्योग दोनों को लाभ हो रहा है।
सपा-कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार ने गन्ना किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने विकास और किसान हितों को आगे बढ़ाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले कैराना अपराध और पलायन के लिए जाना जाता था। अब सरकार ने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। आज अपराधियों में कानून का डर है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था पहले से मजबूत हुई है।
बिजनौर की सांस्कृतिक धरोहर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नमन करते हुए कहा कि यह भूमि मां गंगा की पवित्र धारा से अभिसिंचित है। उन्होंने कहा कि यहां भगवान श्रीकृष्ण ने महात्मा विदुर का सान्निध्य प्राप्त किया था।
जनपद बिजनौर में ₹1,003 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास हेतु आयोजित कार्यक्रम में… https://t.co/FJlhWYEFRW
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महान विभूतियों का स्मरण
मुख्यमंत्री ने बिजनौर की साहित्यिक, वैज्ञानिक और सामाजिक विरासत का उल्लेख करते हुए कई महान विभूतियों को याद किया। उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली भूमि को वह कोटि-कोटि नमन करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग ऐसा बिजनौर चाहते थे जो गुंडों और माफियाओं के कब्जे में रहे। लेकिन हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद है, इसलिए हमारी प्राथमिकता गन्ना किसान और गन्ने का मूल्य बढ़ाना है।
