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योगी आदित्यनाथ ने हमीरपुर में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमीरपुर में ₹636 करोड़ की लागत वाली 75 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जल संरक्षण, धार्मिक स्थलों की पहचान और माफिया के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे पिछले 12 वर्षों में मोदी जी के नेतृत्व में भारत में बदलाव आया है। जानें इस कार्यक्रम के दौरान और क्या कहा गया।
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योगी आदित्यनाथ ने हमीरपुर में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया

हमीरपुर में विकास की नई लहर

हमीरपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हमीरपुर में ₹636 करोड़ से अधिक की लागत वाली 75 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को टूल किट, प्रमाण-पत्र, चेक और लैपटॉप भी वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, हमीरपुर में धार्मिक स्थलों को नई पहचान मिल रही है। तालाबों की खुदाई और जल संरक्षण के बड़े कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। हर घर नल से जल योजना यहां व्यापक बदलाव लाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों से डिफेंस कॉरिडोर के माध्यम से उत्तर प्रदेश में गोला-बारूद, तोप और मिसाइल का निर्माण संभव हुआ है। हम सबने 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारत की सेना की ताकत और स्वदेशी रक्षा क्षमता का प्रदर्शन देखा है।

उन्होंने कहा कि, याद करें कि 9 साल पहले बुंदेलखंड में कनेक्टिविटी की स्थिति कितनी खराब थी। सड़कें गड्ढों में थीं और पानी की समस्या थी। युवा अपनी पहचान को लेकर चिंतित थे। माफिया, जैसे बालू माफिया और भू माफिया, जनता का शोषण कर रहे थे। लेकिन पिछले 12 वर्षों में मोदी जी के नेतृत्व में भारत में बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, अब पहचान का संकट नहीं है। पहले जातिवाद की राजनीति होती थी। सत्ता में आने पर कुछ लोग केवल अपने परिवार का पेट भरते थे। लेकिन मोदी जी के लिए 140 करोड़ भारतीय ही परिवार हैं और हमारे लिए 25 करोड़ उत्तर प्रदेश के लोग परिवार हैं। उन्होंने कहा कि, नए भारत के अनुसार यूपी ने भी अपनी नई पहचान बनाई है। हर घर जल योजना के तहत अब लोगों के घरों तक पानी पहुंच रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि, समाजवादी पार्टी की सरकार में हर जनपद में एक माफिया सक्रिय रहता था। ये माफिया गरीबों की जमीनों पर कब्जा करते थे, अवैध खनन करते थे और व्यापारियों और बेटियों पर संकट पैदा करते थे। उन्होंने कहा कि, ये पुलिस पर भी हमला करते थे। इससे बुंदेलखंड और हमीरपुर की छवि खराब होती थी। लेकिन अब माफिया मिट्टी में मिल गए हैं या फिर जेल में हैं।