योगी कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
मुख्य निर्णयों की जानकारी
योगी कैबिनेट की बैठक के प्रमुख निर्णय: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को लखनऊ के लोक भवन में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का नाम बदलने के साथ-साथ प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आइए, इन निर्णयों पर एक नजर डालते हैं-
कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय
1- 18 शहरों में 1,725 एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन: कैबिनेट बैठक में प्रदेश की नगरीय परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके तहत उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर 1,725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इस योजना में आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा (जेवर सहित) शामिल हैं। इसमें 9 मीटर और 12 मीटर लंबाई की वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी। इस परियोजना के तहत 12 मीटर लंबी बस के लिए 40 लाख रुपये और 9 मीटर लंबी बस के लिए 35 लाख रुपये का अनुदान देने का निर्णय लिया गया है।
2- लखनऊ के नौसेना शौर्य संग्रहालय का विस्तार: लखनऊ में नौसेना शौर्य संग्रहालय का विस्तार किया जाएगा। संग्रहालय के तीसरे चरण के तहत वाटर बॉडी विकसित करने के लिए लगभग 6.8 एकड़ भूमि पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही संग्रहालय परिसर के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एलडीए को सौंपने का निर्णय लिया गया। वाटर बॉडी विकसित करने के लिए एलडीए संबंधित 6.8 एकड़ भूमि पर्यटन विभाग को एक लाख रुपये की टोकन मनी पर उपलब्ध कराएगा। इस परियोजना के तहत नौसेना के जहाजों की प्रतिकृतियां, बोटिंग, लाइट एंड साउंड शो के साथ जलीय जीवन और समुद्री जैव विविधता से जुड़ी प्रदर्शनियां विकसित की जाएंगी।
3- उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दो निःशुल्क सिलेंडर: कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस वित्तीय वर्ष में भी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े लाभार्थियों को दो निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर रिफिल दिए जाएंगे। पहले चरण में अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक और दूसरे चरण में जनवरी से मार्च 2027 तक निःशुल्क रिफिल उपलब्ध कराया जाएगा। इस पर राज्य सरकार का कुल अनुमानित व्यय 2,142.78 करोड़ रुपये होगा।
4- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक अतिरिक्त साड़ी: प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को विभागीय कार्यों के बेहतर संपादन के लिए एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराई जाएगी। इस निर्णय से प्रदेश के 3,80,290 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लाभ मिलेगा। राज्य सरकार इस पर लगभग 19.02 करोड़ रुपये खर्च करेगी। वर्तमान व्यवस्था के तहत सामान्य योजना में केंद्र और राज्यांश के 60:40 अनुपात में प्रतिवर्ष दो साड़ियां उपलब्ध कराई जाती हैं। अब इसके अतिरिक्त एक साड़ी और दी जाएगी।
5- भवन मानचित्र की मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाना: कैबिनेट बैठक में ‘उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों हेतु मॉडल भवन विनियम, 2026’ के क्रियान्वयन को मंजूरी दी गई है। इससे औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के क्षेत्रों में भवन मानचित्र और भूखंड अनुमोदन की प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक अनुकूल होगी।
6- मक्का, बाजरा और ज्वार की खरीद 31 दिसंबर तक: खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत ‘श्रीअन्न’ (मोटे अनाज) की खरीद 31 दिसंबर तक जारी रहेगी। खाद्य और रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय के अनुसार, ज्वार (मालदांडी) का 4073, ज्वार (हाईब्रिड) का 4023 रुपये, बाजरा का 2900 और मक्का का 2410 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है। मुख्यमंत्री योगी ने 48 घंटे में किसानों को भुगतान कराने का निर्देश दिया है। किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा।
