रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने खटिक समाज के योगदान को सराहा
खटिक समाज गर्जना सम्मेलन में रक्षामंत्री का संबोधन
आगरा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आगरा में 'खटिक समाज गर्जना सम्मेलन' को संबोधित करते हुए कहा कि खटीक समुदाय ने हमेशा धर्म की रक्षा के लिए समर्पण दिखाया है। उन्होंने बताया कि भारत पर कई बार बाहरी आक्रमण हुए हैं, लेकिन खटीक समाज के वीरों ने हमारी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा की है।
उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दू धर्म को केवल जाति के दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि यह एक कर्म-आधारित व्यवस्था है। इसमें एक व्यक्ति के कई कर्तव्य हो सकते हैं और कई लोग एक ही कर्तव्य निभा सकते हैं, लेकिन सभी का लक्ष्य धर्म और राष्ट्र की रक्षा करना है।
रक्षामंत्री ने 1857 की स्वतंत्रता की पहली लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि खटिक समाज ने उस समय अंग्रेजों का बहादुरी से सामना किया। उन्होंने बताया कि अंग्रेजों ने खटीकों का उत्पीड़न किया, लेकिन खटीक समुदाय ने स्वतंत्रता के लिए अपना सब कुछ बलिदान किया। 1946 में, जब बंगाल में हिंदुओं पर हमले शुरू हुए, तब गोपाल पाठा के नेतृत्व में खटिक समुदाय ने हिंदुओं की रक्षा की।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आजादी के बाद भी खटिक समाज ने देश सेवा और धर्म के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के लिए संघर्ष का उल्लेख किया और कहा कि इस आंदोलन में खटिक समाज ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि खटिक समाज ने कभी भी धर्म और देश के स्वाभिमान की रक्षा से पीछे नहीं हटने का संकल्प लिया है। खटीक वह हैं जो खौफ को भी मात दे सकते हैं और संकट में दूसरों की रक्षा करते हैं।
रक्षामंत्री ने उत्तर प्रदेश के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि यह अब विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश अब औद्योगिक कॉरिडोर बना रहा है और मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। आगरा मेट्रो के विस्तार का काम भी तेजी से चल रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब 'One District, One Product' जैसी पहलों के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने आगरा के पेठे की मिठास का जिक्र करते हुए कहा कि इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्होंने समाज में प्रेम और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
