रविशंकर प्रसाद ने बांकीपुर चुनाव पर दी सफाई, भाजपा की रणनीति पर उठे सवाल
भाजपा नेता की सफाई
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बांकीपुर विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि भाजपा कुत्ते या बिल्ली को खड़ा कर चुनाव जीत जाएगी। यह एक ऐसा बयान था जिस पर प्रशांत किशोर ने अपने चुनाव प्रचार की पूरी योजना बनाई थी। प्रसाद ने सवाल उठाया कि यदि यह बात गलत थी, तो भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान इसका खंडन क्यों नहीं किया?
विशेषज्ञों और भाजपा के नेताओं का मानना है कि पार्टी की संचार क्षमता में कमी आई है। वे यह भी कहते हैं कि भाजपा ने हाल के दिनों में सकारात्मक नैरेटिव बनाने में असफलता दिखाई है। जंतर मंतर पर हुए 'जेन जी' आंदोलन में भी इसी तरह की स्थिति देखी गई। नई पीढ़ी सोशल मीडिया पर सक्रिय है और उसके पास अपना एक इकोसिस्टम है, जिससे भाजपा पीछे रह गई है।
हालांकि, बांकीपुर का मामला पूरी तरह से राजनीतिक है, जो प्रशांत किशोर द्वारा निर्मित नैरेटिव से संबंधित है। भाजपा ने चुनाव में इस नैरेटिव का जवाब नहीं दिया, बल्कि नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बनाकर यह संदेश दिया कि वे प्रशांत किशोर के नैरेटिव को मजबूत कर रहे हैं।
भाजपा के उम्मीदवार नीरज सिन्हा की राजनीतिक स्थिति कमजोर है और उन्हें जनता से संवाद करने में कठिनाई हो रही है। उन पर आरोप है कि वे शराबबंदी वाले प्रदेश में शराब की डिलीवरी से जुड़े थे। यह स्थिति दर्शाती है कि भाजपा ने जानबूझकर ऐसा उम्मीदवार चुना ताकि यह साबित हो सके कि वे किसी को भी चुनाव में जीत दिला सकते हैं। चुनाव प्रचार के दौरान न तो रविशंकर प्रसाद ने सफाई दी और न ही किसी अन्य नेता ने।
