राघव चड्ढा ने NEET पेपर लीक पर उठाया मुद्दा, समाधान की आवश्यकता पर जोर
NEET पेपर लीक पर राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: राज्यसभा के सांसद राघव चड्ढा ने NEET पेपर लीक मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने संसद में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि ऐसे गंभीर मुद्दों का समाधान केवल मीडिया में बयान देने से नहीं होता, बल्कि सिस्टम को मजबूत करने की आवश्यकता है। चड्ढा ने कहा कि जब वह विपक्ष में थे, तब उनका काम सवाल उठाना था, लेकिन अब उनकी जिम्मेदारी बदल गई है।
समाधान पर ध्यान केंद्रित
चड्ढा ने अपने भाषण में बताया कि पहले वह जनता की समस्याओं को उठाते थे, लेकिन अब उनका ध्यान समाधान प्रदान करने पर है। उनका उद्देश्य केवल सुर्खियों में आना नहीं, बल्कि स्थायी समाधान खोजना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
VIDEO | Delhi: "Paper leaks cannot be addressed through media soundbites but require an institutional solution, which govt is bringing through the Bill," says BJP MP Raghav Chadha in Rajya Sabha during debate on anti-paper leak Bill.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 30, 2026
(Source: Sansad TV) pic.twitter.com/jackRKi73M
स्वयं से किया वादा
चड्ढा ने कहा कि उन्होंने खुद से वादा किया था कि वह तब तक इस मुद्दे पर नहीं बोलेंगे जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती। अब जब एंटी पेपर लीक बिल के माध्यम से सुधार की कोशिश हो रही है, तब उन्होंने अपनी बात रखी। यह मामला केवल बयानबाजी का नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है।
छात्रों की निराशा को समझते हैं
छात्रों को संबोधित करते हुए चड्ढा ने कहा कि उनका गुस्सा और निराशा पूरी तरह से उचित है। उन्होंने बताया कि NEET छात्रों को अपनी पढ़ाई के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है। अगर पेपर लीक हो जाए, तो यह केवल परीक्षा का नुकसान नहीं, बल्कि उनके सपनों के टूटने जैसा होता है।
सरकार की कार्रवाई पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। जांच को तेज किया गया और 75 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार इस मुद्दे पर सख्त है।
NEET परीक्षा को सुरक्षित बनाने की योजना
चड्ढा ने बताया कि NEET परीक्षा को और सुरक्षित बनाने के लिए इसे कंप्यूटर आधारित किया जाएगा, जिससे पेपर लीक की संभावना कम होगी। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल एक राज्य या पार्टी की नहीं, बल्कि पूरे देश में फैली हुई है।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि इस समस्या के समाधान के लिए मिलकर काम करें और एंटी पेपर लीक कानून का समर्थन करें, ताकि छात्रों का भरोसा वापस आ सके।
