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राजस्थान विधानसभा में हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित

राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस के सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। सदन में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया गया, लेकिन विपक्ष ने इसका बहिष्कार किया। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और क्या हुआ सदन में।
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राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र


राजस्थान विधानसभा के छठे मानसून सत्र के दूसरे दिन, कांग्रेस के विपक्षी सदस्यों ने जोरदार नारेबाजी की, जिसके कारण सदन की कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा। इसके बाद, अनुपूरक अनुदान की मांगों और कुछ विधेयकों को पेश करने के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।


दोपहर एक बजे कार्यवाही फिर से शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा। इसी दौरान समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक, 2026 को सदन में पेश किया गया। इसके बाद, कांग्रेस के सदस्यों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कार्यवाही को एक बजकर 44 मिनट पर स्थगित कर दिया।


सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, जहां नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कांग्रेस सदस्यों को विधानसभा के द्वार संख्या छह से प्रवेश नहीं देने का मुद्दा उठाया। इस पर कांग्रेस के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के बीचोंबीच आ गए, जिससे भारी हंगामा हुआ।


अध्यक्ष ने सदन को चलाने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा। प्रश्नकाल के दौरान, सदन की कार्यवाही केवल पांच मिनट ही चल पाई।


इसके बाद, शून्यकाल में कार्यवाही फिर से शुरू हुई, लेकिन कांग्रेस सदस्यों का हंगामा जारी रहा। अध्यक्ष ने उन्हें अपनी सीटों पर बैठने का आग्रह किया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। कार्यवाही को 12 बजकर 18 मिनट पर फिर से स्थगित कर दिया गया।


एक बजे कार्यवाही फिर से शुरू हुई, लेकिन कांग्रेस सदस्यों ने फिर से हंगामा किया और एक बजकर 21 मिनट पर सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। जूली ने कहा कि उन्हें जनता के मुद्दे उठाने की अनुमति नहीं मिल रही है।


संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस में आपसी खींचतान के कारण जानबूझकर हंगामा किया गया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता सब देख रही है।


कांग्रेस सदस्यों के बहिष्कार के बाद, सदन की कार्यवाही 23 मिनट और चली और फिर अनुपूरक अनुदान की मांगों और कुछ विधेयकों को पेश करने के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।