राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज
राज्यसभा चुनाव में महत्वपूर्ण घटनाक्रम
नई दिल्ली: देश में राज्यसभा की खाली सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। 27 सीटों में से 24 पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चयन होना लगभग तय है। निर्विरोध चुने गए प्रमुख नेताओं में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा, भाजपा के सतीश पूनिया और तरुण चुघ शामिल हैं। शेष तीन सीटों के परिणाम अभी स्पष्ट नहीं हुए हैं, जिनमें से 19 सीटों पर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और पांच पर कांग्रेस को सफलता मिली है।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस को झटका
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को एक बड़ा झटका तब लगा जब उनकी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र जांच में खारिज कर दिया गया। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने नामांकन में आपराधिक मामलों का उल्लेख नहीं किया।
कांग्रेस को राहत नहीं मिली
इस मामले में निर्वाचन आयोग और सुप्रीम कोर्ट से भी कांग्रेस को कोई राहत नहीं मिली। मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज होने के बाद राज्य की तीनों सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों का निर्विरोध चयन होना तय हो गया। रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने भाजपा के तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्वाचित घोषित करते हुए प्रमाण पत्र सौंपा।
अन्य राज्यों की स्थिति और आगामी मतदान
ओडिशा में बीजद छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सामंतराय अकेले उम्मीदवार होने के कारण निर्विरोध चुने गए। वहीं, तमिलनाडु में सत्ताधारी टीवीके के समर्थन से कांग्रेस के प्रवीण चक्रवर्ती ने जीत हासिल की। अब सभी की नजरें झारखंड की दो और मिजोरम की एक सीट पर हैं, जहां 18 जून को मतदान होना है। झारखंड में मुकाबला काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है, जहां झामुमो के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और निर्दलीय परिमल नाथवानी आमने-सामने हैं।
कर्नाटक और गुजरात का चुनावी परिदृश्य
कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार थे, लेकिन एक निर्दलीय प्रत्याशी का नाम खारिज होने के बाद मुकाबला समाप्त हो गया। यहां से कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खरगे, मंसूर अली खान, पवन खेड़ा और भाजपा के एम नागराज निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की संसद में पांच दशकों की यात्रा समाप्त हो जाएगी।
गुजरात में कांग्रेस द्वारा कोई उम्मीदवार न उतारे जाने के कारण भाजपा के चारों प्रत्याशी राजूभाई शुक्ला, मानसिंह परमार, मुकेशभाई राठवा और जितेंद्र कंजारिया निर्विरोध चुन लिए गए हैं।
