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राज्यसभा चुनाव में हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले बीजेपी के उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। विधायक हेमंत कटारे ने पुरी के हलफनामे में कई विसंगतियों की ओर इशारा किया है, जिसमें पत्नी के नाम और संपत्ति का विवरण न होना, विदेशी संपत्तियों की जानकारी, और नोटरी प्रक्रिया की वैधानिकता शामिल हैं। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इन आपत्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानें पूरी कहानी में क्या है।
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राजनीतिक हलचल के बीच हरदीप सिंह पुरी का नामांकन

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तैयारी के साथ ही राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। बीजेपी के उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस के विधायक हेमंत कटारे ने पुरी के नामांकन पत्र और हलफनामे पर कई आपत्तियां प्रस्तुत की हैं।


कांग्रेस की आपत्तियां

यह जानकारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर साझा की। पटवारी के अनुसार, हेमंत कटारे ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष तीन मुख्य आपत्तियां रखी हैं। इनमें से पहली यह है कि हलफनामे में पत्नी का नाम और संपत्ति का विवरण नहीं दिया गया है। दूसरी आपत्ति विदेश में मौजूद संपत्तियों की जानकारी और उनके मूल्यांकन से संबंधित है, और तीसरी आपत्ति नोटरी प्रक्रिया की वैधानिकता पर है।


कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल


बीजेपी की पारदर्शिता पर सवाल

कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे द्वारा उठाए गए मुद्दों में मुख्य रूप से पत्नी के नाम और संपत्ति का विवरण, विदेशी संपत्तियों का ब्योरा, और नोटरी प्रक्रिया की वैधानिकता शामिल हैं। कांग्रेस ने इन बिंदुओं की जांच की मांग की है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस उम्मीदवार को बीजेपी राज्यसभा भेजना चाहती है, उसके नामांकन में इतनी गंभीर विसंगतियां क्यों हैं? उन्होंने चुनाव आयोग से सभी आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की।


हरदीप सिंह पुरी का नामांकन

हरदीप सिंह पुरी ने 31 अक्टूबर को अपना नामांकन दाखिल किया था। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की खाली सीट के लिए चुनाव 12 नवंबर को होने हैं। बीजेपी ने 28 अक्टूबर को पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। यह सीट केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। कांग्रेस की ओर से आपत्तियां दर्ज कराए जाने के बाद राजनीतिक विवाद और बढ़ गया है।