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राज्यसभा में छात्रों के प्रदर्शन पर हंगामा: क्या लोकतंत्र खतरे में है?

राज्यसभा में बुधवार को छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर तीव्र बहस हुई। विपक्ष ने छात्रों पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया, जबकि सरकार ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकतांत्रिक मूल्यों के उल्लंघन का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की भी मांग की गई है। जानें इस राजनीतिक टकराव का क्या है महत्व।
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संसद में छात्रों के मुद्दे पर गरमाई बहस


नई दिल्ली: बुधवार को संसद के मॉनसून सत्र में राज्यसभा में छात्रों के विरोध, नीट पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर तीव्र हंगामा हुआ। विपक्ष ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी के प्रयास का मुद्दा उठाया, जबकि केंद्र सरकार ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच तीखी बहस भी हुई।


खरगे का सरकार पर हमला

राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा उठाया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों के साथ सख्ती बरती जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी राष्ट्रीय राजनीतिक दल के कार्यालय में पुलिस का पहुंचना और गिरफ्तारी का प्रयास करना लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन है।


इससे पहले माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस की टीम पार्टी कार्यालय पहुंची और जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। उन्होंने इस कार्रवाई को हाल के छात्र आंदोलनों से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए।


जेपी नड्डा का स्पष्टीकरण

विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और यदि कोई कानून का उल्लंघन करता है तो कार्रवाई होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में वह भी कई आंदोलनों का हिस्सा रहे हैं और इमरजेंसी के दौरान उन्हें कई बार गिरफ्तार किया गया था।




नड्डा ने कहा कि आंदोलन करने वाले लोगों को गिरफ्तारी जैसी परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की कार्रवाई को अनावश्यक रूप से विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।


अमित शाह के बयान की मांग

विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और आइशी घोष को गिरफ्तार करने के प्रयास पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की भी मांग की। मॉनसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ गया है और आने वाले दिनों में संसद में इस पर बहस जारी रहने की संभावना है।