राज्यसभा में हंगामा: बीजेपी सांसद के बयान पर कांग्रेस का तीखा जवाब
संसद में गरमाया माहौल
नई दिल्ली: गुरुवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में जबर्दस्त हंगामा हुआ। यह तब शुरू हुआ जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने एक बयान दिया, जिसके बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। इस हंगामे के कारण सदन का माहौल काफी गर्म हो गया, जिसके चलते पीठासीन अधिकारी को हस्तक्षेप करना पड़ा।
डॉ. अनिल बोंडे का बयान
राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने चर्चा के दौरान 2014 से पहले के राजनीतिक माहौल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय लोग भ्रष्टाचार और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर खुलकर सवाल उठाते थे। उन्होंने सवाल किया, "आतंकवादी कहां मिलेंगे?" इस पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने एक साथ नारे लगाते हुए कहा, "कांग्रेस के दफ्तर में।"
इसके बाद, डॉ. बोंडे ने अन्य सवाल भी उठाए जैसे "देशद्रोही कहां मिलेंगे?", "सैन्य विरोधी कहां मिलेंगे?" और "किसान विरोधी कहां मिलेंगे?" इन सवालों पर भी सत्ता पक्ष के सांसदों ने वही जवाब दिया, जिससे सदन में शोर बढ़ गया।
उपसभापति का हस्तक्षेप
इस दौरान, लगातार हो रही नारेबाजी के बीच राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने डॉ. बोंडे से कहा कि वे चर्चा के निर्धारित विषय पर ही ध्यान केंद्रित करें। उपसभापति ने स्पष्ट किया कि सदन की कार्यवाही में केवल विषय से संबंधित टिप्पणियां ही रिकॉर्ड की जाएंगी।
कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रिया
बीजेपी सांसदों की टिप्पणियों पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि यदि सत्ता पक्ष के आरोप सही हैं, तो सरकार को बताना चाहिए कि 2014 के बाद उसने कांग्रेस कार्यालयों से कितने आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला नहीं है, तो ये आरोप केवल राजनीतिक बयानबाजी हैं।
इमरान मसूद ने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियों का उद्देश्य मूल मुद्दों से ध्यान भटकाना है। उन्होंने कहा कि संसद में गंभीर विषयों पर चर्चा होनी चाहिए, न कि एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर माहौल को तनावपूर्ण बनाना चाहिए। हालांकि, बीजेपी सांसद के बयान और उसके बाद हुई नारेबाजी के कारण राज्यसभा में कुछ समय तक राजनीतिक तनाव बना रहा।
