राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सियासत गरमाई, स्वामी प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला
लखनऊ। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर सवालों का सिलसिला जारी है। ट्रस्ट ने आज आधिकारिक रूप से चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि की है। इसके अलावा, एफआईआर के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच, एसआईटी की जांच भी चल रही है। राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। जनता पार्टी के नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस मामले पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि क्या केवल प्यादे ही दंडित होंगे या बड़े लोग भी बचेंगे।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "क्या अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा, विश्व हिंदू परिषद के निर्देश पर इस्तीफा देकर करोड़ों की चोरी और हेरा-फेरी के आरोपों से बच जाएंगे? क्या कानून का हाथ उनके गिरेबान तक नहीं पहुंचेगा? अब उत्तर प्रदेश सरकार के कानून राज की परीक्षा होगी कि केवल प्यादे ही दंडित होंगे या बड़े लोग भी।"
अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय एवं अनिल मिश्रा को विश्व हिंदू परिषद मुख्यालय से जारी फरमान के तहत इस्तीफा देकर मुख्यालय पहुंच जाने से क्या करोड़ो – अरबों की चोरी व हेरा- फेरी के आरोपों से बच जाएंगे या कानून का हाथ भी उनके गिरेबान तक पहुंचेंगे? अव यू…
— Swami Prasad Maurya (@SwamiPMaurya) June 27, 2026
बड़े लोगों को बचाने के आरोप
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दर्ज एफआईआर में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी भी हुई है। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि बड़े लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर सबसे ज्यादा सवाल उठाए जा रहे हैं।
चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरि ने बताया कि, "हम श्रीराम मंदिर में हाल की घटनाओं से स्तब्ध और दुखी हैं। हम रामभक्तों के प्रतिनिधि के रूप में न्यायपूर्ण जांच के लिए प्रतिबद्ध हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा से इस्तीफा प्राप्त हुआ है, जिस पर न्यास अपनी अगली बैठक में विचार करेगा।"
