राम मंदिर चढ़ावे चोरी पर राहुल गांधी को अमित मालवीय का तीखा जवाब
संसद में अनोखा विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद में एक अनोखा प्रदर्शन किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस पर भाजपा नेता और आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इस अपमान के लिए हिंदू समाज से माफी मांगनी चाहिए।
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'जूते पहनकर कौन भगवान श्रीराम को चढ़ावा चढ़ाता है? हिंदू तो अपने घर के मंदिर में भी जूते-चप्पल उतारकर ही भगवान के दर्शन करते हैं। लेकिन एक ईसाई माँ और पारसी पिता से जन्मे राहुल गांधी से हिंदू आस्थाओं के आदर की अपेक्षा भी कैसे की जा सकती है?' उन्होंने यह भी कहा कि भगवा पहनकर बैठा व्यक्ति कांग्रेस का नेता और राहुल गांधी का स्वघोषित चमचा है।
जूते पहनकर कौन भगवान श्रीराम को चढ़ावा चढ़ाता है? हिंदू तो अपने घर के मंदिर में भी जूते-चप्पल उतारकर ही भगवान के दर्शन करते हैं। लेकिन एक ईसाई माँ और पारसी पिता से जन्मे राहुल गांधी से हिंदू आस्थाओं के आदर की अपेक्षा भी कैसे की जा सकती है?
और भगवा पहन कर बैठा यह व्यक्ति कांग्रेस… https://t.co/ICfJ3acKX3 pic.twitter.com/zhI4W7qUKk
— Amit Malviya (@amitmalviya) July 31, 2026
उन्होंने आगे कहा, 'एक ओर हाथों में प्रभु श्रीराम की तस्वीर थामकर आस्था का प्रदर्शन, और दूसरी ओर उसी तस्वीर को ज़मीन से स्पर्श कराना, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। यह करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है। प्रभु श्रीराम केवल एक तस्वीर नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था और श्रद्धा के केंद्र हैं। इसलिए उनके चित्र को इस प्रकार ज़मीन से स्पर्श कराना पूरे हिंदू समाज का अपमान है। राहुल गांधी और कांग्रेस को इस अपमान के लिए तुरंत हिंदू समाज से माफ़ी मांगनी चाहिए।'
ज्ञात हो कि, विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार की सीढ़ियों पर दान पेटियां रखकर प्रदर्शन किया। सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भगवा कपड़े पहनकर इन पेटियों के साथ बैठे दिखे। प्रदर्शन के दौरान नाटक के माध्यम से संदेश देने की कोशिश की गई। राहुल गांधी और अन्य सांसदों ने यहां रखी दान पेटियों में पैसे डाले। इस दौरान पप्पू यादव उन पैसों को अपनी जेब में रख लिए और इसे राम मंदिर चढ़ावे में कथित चोरी के आरोपों के प्रतीक के तौर पर दिखाया।
