रामगोपाल यादव ने राममंदिर चढ़ावा चोरी के नुक्कड़ नाटक पर उठाए सवाल
रामगोपाल यादव का बयान
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने संसद परिसर में राममंदिर चढ़ावा चोरी के संदर्भ में आयोजित नुक्कड़ नाटक पर अपनी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह उचित नहीं था। दरअसल, पिछले सप्ताह पेपर लीक मामले के समाप्त होने के बाद, सपा के नेता चढ़ावा चोरी को एक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे थे। कांग्रेस को यह चिंता थी कि सपा के एजेंडे पर ज्यादा चर्चा होगी, इसलिए उन्होंने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को आगे किया। पप्पू यादव ने धरती पर अवतरण का नाटक करने के लिए भगवा कपड़ा पहनकर साधु का रूप धारण किया और संसद परिसर में दानपात्र लेकर बैठ गए।
कांग्रेस और अन्य पार्टियों के सांसद उनके दानपात्र में चढ़ावा डालने लगे, जिसमें राहुल गांधी भी शामिल हुए। बाद में यह चढ़ावा चोरी करने का नाटक बन गया। यह निश्चित रूप से गलत था क्योंकि मंदिर का चढ़ावा साधु या संतों द्वारा नहीं चुराया गया। रामगोपाल यादव ने यही बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि साधु, संतों या पुजारियों का इससे कोई संबंध नहीं है। अब सवाल यह है कि नेताओं को पहले यह समझ में क्यों नहीं आया कि भगवा पहनकर चोरी कराने का नाटक किस तरह का प्रभाव डाल सकता है? रामगोपाल यादव इस पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि उस दिन सपा के नेता भी इस नाटक में शामिल थे, जिसमें अयोध्या से जीते सांसद अवधेश प्रसाद भी शामिल थे।
