Newzfatafatlogo

रामपुर में आजम खान की गिरफ्तारी पर विवादित पोस्टर ने बढ़ाई सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की गिरफ्तारी ने सियासी हलचल मचा दी है। जेल से रिहा होते ही ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद, एक विवादास्पद पोस्टर ने नई बहस को जन्म दिया है। इस पोस्टर में फिलिस्तीन के झंडे के साथ धमकी भरे अंदाज में लिखा गया है कि सरकार बनने पर आजम खान पर हुए जुल्म का हिसाब होगा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
 | 

रामपुर में सपा नेता आजम खान की गिरफ्तारी

रामपुर पोस्टर: उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को शनिवार को जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा किया गया, लेकिन उन्हें तुरंत ही ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इसी बीच, रामपुर में एक विवादास्पद पोस्टर ने नई बहस को जन्म दिया है, जिसमें फिलिस्तीन के झंडे के साथ लिखा गया है कि 'सरकार बनने पर आजम खान पर हुए जुल्म का हिसाब होगा।'

इस पोस्टर में आजम खान के समर्थन में कई प्रमुख समाजवादी नेताओं की तस्वीरें शामिल हैं, लेकिन 'समाजवाद' के स्थान पर 'आजमवाद' लिखा गया है। इसे इसरार नबी नामक एक समर्थक ने लगाया है। पोस्टर में आजम खान के साथ उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की तस्वीर भी है, और लिखा है कि 'जेल के ताले टूटेंगे, आजम खान छूटेंगे... सरकार बनने के बाद एक-एक जुल्म का हिसाब होगा।'

गौरतलब है कि 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे को दो पैन कार्ड मामलों में जमानत दी थी, जिसके बाद शनिवार शाम को दोनों को रिहा किया गया। लेकिन जेल से बाहर आते ही ईडी ने आजम खान को गिरफ्तार कर गाजियाबाद ले गई, जहां उन्हें रविवार सुबह कोर्ट में पेश किया गया।

अखिलेश यादव ने आजम खान की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, 'आज के हुक्मरानों को याद रहे जब वक्त बदलता है तो तख्त भी बदलता है। आदरणीय आज़म खान साहब के खिलाफ जो मुकदमे की साजिश की जा रही है, उसे पूरा देश देख रहा है। किसी बुजुर्ग को इस तरह के बेमानी मामलों में फंसाना बेहद कायराना है। आज की सत्ता जिस गलत रवैये को बढ़ावा दे रही है, वह खुद उसकी शिकार होगी। नाइंसाफी जब हद से गुजर जाती है, तो जुल्म करने वाले के लिए ही कहर बन जाती है। यह बेहद निंदनीय है।'