राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने के लिए विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल तैयार
विपक्ष का राष्ट्रपति से मिलने का निर्णय
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गया है। INDIA ब्लॉक के नेताओं ने मार्च निकालने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करने की मांग की थी। अब इस अनुरोध को मंजूरी मिल गई है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति भवन ने प्रतिनिधिमंडल को शुक्रवार रात 8 बजे मिलने का समय दिया है। इस मुलाकात में विपक्ष के कई प्रमुख नेता शामिल होंगे और छह नेताओं के नाम पहले से तय किए जा चुके हैं।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेता
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में 10 से अधिक सदस्य शामिल हो सकते हैं। हालांकि, सभी नेताओं के नामों को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। विपक्षी दलों के बीच इस बारे में बातचीत जारी है। माना जा रहा है कि प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न विपक्षी पार्टियों के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
राहुल गांधी और ममता बनर्जी के नाम तय
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने वाले INDIA ब्लॉक के प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी और वाम दलों के प्रमुख चेहरे शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, अब तक छह नेताओं के नाम तय हुए हैं। इनमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, सीपीआईएम नेता एमए बेबी और समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय शामिल हैं। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल में बाकी सदस्यों को लेकर अभी फैसला होना बाकी है। विपक्षी गठबंधन के नेता आपसी सहमति से अन्य नामों को अंतिम रूप दे रहे हैं।
अखिलेश यादव की अनुपस्थिति
इस मुलाकात में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल नहीं होंगे। सूत्रों के अनुसार, वह वर्तमान में दिल्ली में मौजूद नहीं हैं। इसी कारण उनकी पार्टी की ओर से सांसद राजीव राय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे। सपा की तरफ से राजीव राय का नाम तय होने के बाद अब बाकी सदस्यों के चयन पर चर्चा की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले INDIA ब्लॉक के नेता संसद के सेंट्रल हॉल में इकट्ठा होंगे। यहां प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने वाले बाकी सदस्यों के नामों और आगे की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद राष्ट्रपति भवन जाने वाले दल को अंतिम रूप दिया जाएगा। फिलहाल छह नेताओं की भागीदारी तय है, जबकि अन्य सदस्यों के नामों पर सहमति बनाने की कोशिश जारी है।
