राहुल गांधी का आंदोलन: लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष जारी
राहुल गांधी का दृढ़ संकल्प
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्पष्ट किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को रोकने की मांग के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि चाहे इसमें एक दिन लगे या दो साल, वह अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटेंगे।
मंगलवार को अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए, गांधी ने कहा कि उनकी दृढ़ता में कोई कमी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों को पूरा करने में समय लग सकता है, लेकिन वह उसी ऊर्जा और एकजुटता के साथ संघर्ष जारी रखेंगे। उनका मानना है कि पूरा विपक्ष इस लड़ाई में एकजुट है।
गांधी ने आगे कहा कि उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वह संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सभी दलों ने जिस एकजुटता के साथ काम किया है, उसी भावना के साथ आगे बढ़ेंगे।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह अलग-अलग विरोध प्रदर्शन नहीं हैं, बल्कि एक ही आंदोलन है जिसका उद्देश्य लोकतंत्र की बहाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र को नष्ट किया गया है और चुनावी प्रक्रिया को कमजोर किया गया है।
गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का एक मंच था, लेकिन सरकार ने वहां विरोध प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। विपक्ष इस निर्णय को चुनौती देगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को इस मुद्दे का मुख्य सूत्रधार बताते हुए कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि अब उनके चारों ओर शिकंजा कस रहा है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक दलों के लिए नहीं, बल्कि भारत की जनता और उसके भविष्य के लिए है।
गांधी ने न्यायपालिका के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले में न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि न्यायपालिका अपनी भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में चाहे कोई भी परिस्थिति बने, उनका राजनीतिक और जनता का प्रतिरोध जारी रहेगा और अंततः जीत होगी।
