राहुल गांधी का आरोप: मोदी सरकार की योजनाओं में वोटर आईडी का उपयोग एक गहरी साजिश
राहुल गांधी का बयान
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार के एक मंत्री ने घोषणा की है कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ आधार के बजाय वोटर आईडी से निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने इसे एक गंभीर साजिश करार दिया और कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है।
राहुल गांधी ने कहा कि SIR के नाम पर लाखों नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं, और यदि इसे रोका नहीं गया, तो और भी नाम हटाए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों के नाम काटे जा रहे हैं, उनमें से अधिकांश वे हैं जो बीजेपी के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट एक स्वतंत्र चुनाव आयोग के पास होनी चाहिए, लेकिन अब यह मोदी सरकार के एक कर्मचारी के हाथ में है, जो बीजेपी के साथ मिलकर वोटों की चोरी कर रहा है।
लोकतंत्र का हक़ छिनने का खतरा
राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि यदि किसी ने बीजेपी को हटाने का निर्णय लिया, तो उनका नाम चुन-चुन कर काटा जाएगा। उन्होंने कहा कि नाम कटने का मतलब है वोट का जाना, और इससे लोग लोकतंत्र के अदृश्य नागरिक बन जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि यह केवल चुनाव जीतने की राजनीति नहीं है, बल्कि यह चुनाव चोरी का एक तरीका है। उन्होंने कहा कि वोट देना हर नागरिक का अधिकार है, और इसे किसी भी शर्त से नहीं जोड़ा जा सकता।
हाल ही में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा था कि भविष्य में लाभार्थियों को उनके आधार नंबर की जगह बायोमेट्रिक्स और वोटर आईडी का उपयोग करके भुगतान किया जाएगा।
आधार की आवश्यकता
पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की योजनाओं में भी आधार नंबर की आवश्यकता होती है, जैसे कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन। इसके अलावा, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम, पीएम-किसान, और प्रधानमंत्री आवास योजना में भी आधार से जुड़े बैंक खातों का उपयोग किया जाता है।
