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राहुल गांधी का इंदौर में छात्रों के साथ संवाद: सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स

राहुल गांधी ने इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए सिस्टम और छात्रों के बीच के संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे सिस्टम छात्रों के सवालों से डरता है और अंधभक्तों को प्राथमिकता देता है। इस कार्यक्रम में 25,000 से अधिक युवा शामिल हुए, और राहुल ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। जानें उनके विचार और कार्यक्रम की मुख्य बातें।
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राहुल गांधी का इंदौर में कार्यक्रम


इंदौर में, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अंततः एक सभा का आयोजन किया। कई बाधाओं और पाबंदियों के बावजूद, उन्हें इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मिली। शनिवार की शाम, उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं और छात्रों को संबोधित किया। राहुल ने कहा कि इस कार्यक्रम की थीम 'सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स' है। उन्होंने अपने भाषण में बताया कि छात्रों का सिस्टम पर विश्वास नहीं है और यह भी कि सिस्टम अंधभक्तों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है।


राहुल के कार्यक्रम में लगभग 25,000 युवा शामिल हुए, जबकि कांग्रेस का दावा है कि दो लाख से अधिक युवाओं ने इसके लिए पंजीकरण कराया था। इस कार्यक्रम में केवल 35 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को प्रवेश दिया गया। सवाल-जवाब के दौरान, राहुल ने कहा, 'सिस्टम नहीं चाहता कि स्टूडेंट्स सवाल पूछें, इसलिए वह अंधभक्त पैदा करता है।' छात्रों ने जवाब दिया, 'सर, हम सिस्टम से हार गए।'


राहुल ने पहले राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित किए थे, और इंदौर उनका पांचवां कार्यक्रम था। उन्होंने सरकार को सिस्टम बताते हुए उस पर हमला किया। उन्होंने कहा, 'सिस्टम को चलाने वालों के बच्चों को देखिए, वे इंदौर में पढ़ रहे हैं या विदेश में? ये देश के युवाओं को अंधभक्त बनाना चाहते हैं।'


उन्होंने आगे कहा, 'हमने शुरुआत में कहा कि स्टूडेंट देश को बनाता है, शिक्षा देश की नींव है, यह हर स्टूडेंट का हक है। स्कूल से लेकर कॉलेज और रोजगार तक पहुंचाना सरकार का काम है।' राहुल ने कहा, 'सिस्टम को स्टूडेंट से खतरा है क्योंकि स्टूडेंट सवाल पूछता है।' उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि स्टूडेंट पूछता है कि अमित शाह जी के बेटे क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन कैसे बने।