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राहुल गांधी का महिलाओं की भागीदारी पर जोरदार बयान, किरेन रिजिजू ने दी प्रतिक्रिया

राहुल गांधी ने महिलाओं की स्वतंत्रता और भागीदारी पर एक महत्वपूर्ण वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि जब तक महिलाएं अपनी बात नहीं कह पाएंगी, तब तक कोई देश प्रगति नहीं कर सकता। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस से महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने की उम्मीद जताई। यह विधेयक महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करता है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
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महिलाओं की आवाज़ और भागीदारी पर राहुल गांधी का बयान

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महिलाओं की स्वतंत्रता और उनकी भागीदारी के महत्व पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाएं अपनी बात खुलकर नहीं कह पाएंगी, तब तक कोई भी देश सही मायने में प्रगति नहीं कर सकता।


इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस को अब संसद में महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए।


राहुल गांधी ने शुक्रवार को 'एक्स' पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने इस मुद्दे पर अपने विचार साझा किए। गुरुवार को भी उन्होंने इसी विषय पर 'आस्क मी एनीथिंग' सत्र में चर्चा की थी।


वीडियो में उन्होंने लिखा, "मैं सोचता हूं कि भारत की महिलाओं की ऊर्जा को व्यक्त करने की अनुमति नहीं है। कोई भी देश तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक वहां की महिलाएं अपनी बात नहीं कह पातीं।"


राहुल ने कहा कि महिलाओं की आवाज़ का दबना देश की प्रगति पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उनकी राजनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि लोग समझें कि महिलाओं की अभिव्यक्ति के बिना देश अधूरा है।


उन्होंने यह भी कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल व्यवसाय या राजनीति तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह महत्वपूर्ण है कि महिलाएं अपने घरों, परिवारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी खुलकर बोल सकें।


राहुल ने आगे कहा, "महिलाओं को यह अधिकार होना चाहिए कि वे अपने विचार व्यक्त कर सकें और अपने परिवार के सदस्यों से सवाल कर सकें। भारत को वास्तव में विकसित होना है तो महिलाओं को पितृसत्ता और पुरुषों के नियंत्रण से थोड़ी आजादी मिलनी चाहिए।"


केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के इस बयान को कांग्रेस के दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव का संकेत बताया।


महिला आरक्षण विधेयक, जिसे संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 या नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी कहा जाता है, एक ऐतिहासिक कानून है। इसके तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और सभी की नजर संसद के अगले कदम पर है।