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राहुल गांधी का विवादास्पद वीडियो: क्या है कर्नाटक के डिप्टी सीएम का अपमान?

राहुल गांधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का कॉलर खींचते हुए नजर आ रहे हैं। इस घटना पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, इसे सार्वजनिक अपमान करार देते हुए। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं। क्या यह घटना कर्नाटक के लोगों का अपमान है? पूरी जानकारी के लिए पढ़ें।
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नई दिल्ली में राजनीतिक तूफान


नई दिल्ली: राहुल गांधी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिससे राजनीतिक हलचल मच गई है। इस वीडियो में राहुल गांधी, दिल्ली में विपक्षी मार्च के दौरान, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का कॉलर खींचते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है।


हिमंत बिस्वा का कड़ा बयान

हिमंत बिस्वा सरमा ने इस वीडियो को सार्वजनिक अपमान बताते हुए सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "2015 में, मैंने एक गर्वित असमिया के रूप में अपमान सहने से इनकार कर दिया था। भगवान मेरे साथ थे।" सरमा ने यह भी कहा कि डीके शिवकुमार केवल एक व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वे एक संवैधानिक पद पर हैं और एक गौरवशाली राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।



क्या वे इस सार्वजनिक अपमान के सामने झुकेंगे? उन्होंने राहुल गांधी पर तंज करते हुए कहा कि 'रीइन्वेंशन' से घमंड नहीं छिपता, आप जितना भी मुखौटा बदल लें, असली चेहरा वही रहता है। सरमा ने 2015 की एक घटना का भी जिक्र किया, जब उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी।


वायरल वीडियो की घटनाक्रम

क्या दिखा वीडियो में?


इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ के बीच, डीके शिवकुमार आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और नेहा बोरा के साथ मार्च कर रहे थे, जब अचानक राहुल ने शिवकुमार के कुर्ते का कॉलर पकड़कर उन्हें पीछे खींच लिया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया। इस दौरान सुरक्षाकर्मी भी उन्हें पीछे धकेलते हुए नजर आए।


भाजपा नेताओं ने भी इस वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है। बेंगलुरु साउथ से सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि राजनीति से परे, डीके शिवकुमार कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी इस तरह की सार्वजनिक बेइज्जती 7 करोड़ कन्नड़ लोगों का अपमान है। उन्होंने इसे पूर्व पीएम राजीव गांधी द्वारा वीरेंद्र पाटिल को हटाने की घटना से जोड़ा। भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि राजनीतिक विशेषाधिकार किसी को दूसरों की बेइज्जती का अधिकार नहीं देता।


मार्च का उद्देश्य

मार्च क्यों निकाला गया था?


यह घटना उस दिन हुई जब राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला। विपक्षी नेता वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ज्ञापन देना चाहते थे। इसके बाद, नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट जाकर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मिलने की कोशिश की, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। इस मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और युवा कांग्रेस व एनएसयूआई के कार्यकर्ता शामिल थे।